Premanand Maharaj: जानें इस जन्म में पिछले जन्म के कर्मों का फल क्यों मिलता है

Premanand Maharaj: जानें इस जन्म में पिछले जन्म के कर्मों का फल क्यों मिलता है

प्रेमानंद महाराज ने अपने हालिया प्रवचन में स्पष्ट किया कि पिछले जन्म के कर्मों का फल इस जन्म में भोगना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि भगवान के न्याय में कोई छूट नहीं होती और पुराने पाप भी समय आने पर फल देते हैं। नाम जपना, भक्ति और अच्छे कर्म करना जीवन में कल्याण लाने का सर्वोत्तम उपाय है।

Premanand Maharaj Pravachan: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने अपने हालिया प्रवचन में बताया कि पिछले जन्म के कर्मों का फल इस जन्म में क्यों मिलता है। प्रवचन के दौरान उन्होंने समझाया कि भगवान के न्यायालय में सभी कर्मों का हिसाब निष्पक्ष और पक्का होता है। उन्होंने कहा कि पुराने पाप चाहे कितने ही जन्म पुराने हों, उन्हें भोगना जरूरी है। महाराज ने भक्तों को नाम जपने, भक्ति और अच्छे कर्म करने की सलाह दी, ताकि जीवन में कल्याण और सकारात्मक बदलाव आ सके।

पुराने कर्मों का न्याय भगवान के दरबार में होता है

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जैसे किसी अपराध के लिए इंसानी अदालत में समय लग सकता है, वैसे ही ब्रह्मांड की न्याय व्यवस्था में भी कर्मों का फल सही समय पर मिलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि किसी को मारने पर क्या फांसी तुरंत दी जाती है? नहीं, कई बार केसों में सालों का समय लगता है। उसी तरह, पुराने पापों का फल भी किसी व्यक्ति को भोगना पड़ता है, चाहे वह कितने ही जन्म पुराने क्यों न हों।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भगवान के दरबार में कोई घूस, गवाही या रिटिंग का काम नहीं चलता। सभी कर्मों का हिसाब पक्का और निष्पक्ष होता है। अगर कोई व्यक्ति पाप करता है, तो उसका फल अवश्य भोगना होगा। इसी कारण प्रेमानंद महाराज भक्तों को हमेशा सतर्क रहने और अच्छे कर्म करने की सलाह देते हैं।

नाम जपने का महत्व

प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में नाम जपने की महत्ता पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि सतत नाम जप करने से मनुष्य के जीवन में कल्याण आता है और यह पुराने कर्मों के प्रभाव को संतुलित करने का एक प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि अच्छे कर्म करने के साथ-साथ भक्ति और ध्यान से जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

भक्तों के लिए संदेश

प्रेमानंद महाराज का संदेश सरल है: कर्म करते समय हमेशा होश में रहें, पाप से बचें और अच्छे कर्म करें। उनके अनुसार, भले ही पाप कर्म छिप जाए या भूल जाए, लेकिन समय आने पर उसका फल अवश्य भोगना होगा। इसलिए नाम जपना, भक्ति करना और अच्छे कर्म करना ही जीवन में सच्चा कल्याण लाने का मार्ग है।

उनकी बातें न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह जीवन में नैतिक और आध्यात्मिक दिशा बनाए रखने का मार्ग भी दिखाती हैं। बड़ी संख्या में भक्त उनकी सीख को सुनते हैं और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का प्रयास करते हैं।

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