पश्चिम एशिया तनाव! दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल बढ़ा, सामान्य ईंधन की कीमतें फिलहाल स्थिर

पश्चिम एशिया तनाव के कारण दिल्ली में प्रीमियम और ब्रांडेड पेट्रोल ₹2 महंगा हुआ। सामान्य पेट्रोल और डीजल फिलहाल स्थिर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें दबाव।

पश्चिम एशिया संकट के चलते दिल्ली में प्रीमियम और ब्रांडेड पेट्रोल के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ गए हैं। फिलहाल सामान्य पेट्रोल और डीजल स्थिर हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर सीधे उपभोक्ताओं पर दिख रहा है।

New Delhi: पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर अब सीधे भारत के पेट्रोलियम उत्पादों पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण दिल्ली में प्रीमियम और ब्रांडेड पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली पेट्रोल डीलर्स के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने बताया कि यह बढ़ोतरी आज से प्रभावी हो गई है।

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली के एचपीसीएल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल 104.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इसी तरह आईओसीएल के पंपों पर यह 101.89 रुपये और बीपीसीएल के पंपों पर 103.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

कौन से उत्पाद प्रभावित हुए

अभी के लिए यह बढ़ोतरी सिर्फ प्रीमियम और ब्रांडेड पेट्रोल तक सीमित है। सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में सामान्य पेट्रोल और डीजल के दामों में भी बढ़ोतरी की संभावना है।

प्रीमियम पेट्रोल का दाम बढ़ने का असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है, क्योंकि यह विशेष रूप से उन वाहनों में इस्तेमाल होता है जो उच्च परफॉर्मेंस के लिए डिजाइन किए गए हैं।

पेट्रोल की कीमत बढ़ने का कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के भाव लगातार बढ़ रहे हैं।

भारत के लिए यह संकट और भी गंभीर है क्योंकि देश अपनी कच्ची तेल की जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत विदेश से आयात करता है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की सप्लाई भी युद्ध और तनाव के कारण प्रभावित हो रही है।

जनवरी में भारत के लिए आयातित कच्चे तेल की औसत कीमत लगभग 69 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब लगभग 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है। इस तेजी का सीधा असर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है।

प्रीमियम और ब्रांडेड पेट्रोल की बढ़त के असर

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी से वाहन मालिकों पर तुरंत असर पड़ेगा। यह कीमत उन उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो प्रीमियम या ब्रांडेड ईंधन का उपयोग करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें इसी तरह बनी रहती हैं, तो आने वाले हफ्तों में सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में आम आदमी की लागत बढ़ने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारतीय बाजार पर सीधे पड़ता है। अमेरिका और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। वैश्विक मार्केट में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव लगातार बढ़ रहा है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी आने की संभावना बनी हुई है।

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