पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को मिलेगी नई मजबूती, अगस्त से शुरू होंगे Mental Health Fellowship के आवेदन

पंजाब सरकार अगस्त 2026 से Leadership in Mental Health Program (LMHP) के दूसरे बैच के आवेदन शुरू करेगी। यह पहल ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को नई मजबूती देगी।

पंजाब सरकार अगस्त 2026 से ‘लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ प्रोग्राम’ (LMHP) के दूसरे बैच के लिए आवेदन शुरू करेगी। इस पहल का उद्देश्य राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और नशा मुक्ति अभियान को प्रशिक्षित पेशेवरों के माध्यम से और मजबूत बनाना है।

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को मजबूत करने के लिए Leadership in Mental Health Program (LMHP) के दूसरे बैच की तैयारी शुरू कर दी है। अगस्त 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इस पहल के तहत नए फेलो और सीनियर एसोसिएट राज्यभर में मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति सेवाओं को सशक्त बनाने में योगदान देंगे।

नशा मुक्ति अभियान में निभा रहे हैं अहम भूमिका

पंजाब सरकार ने फरवरी 2026 में देश की पहली मानसिक स्वास्थ्य आधारित एंटी-ड्रग फेलोशिप Leadership in Mental Health Program (LMHP) शुरू की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास को भी प्राथमिकता देना है।

कार्यक्रम के पहले बैच के 13 फेलो फिलहाल राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं। ये विशेषज्ञ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, समुदाय आधारित जागरूकता बढ़ाने और पुनर्वास गतिविधियों को प्रभावी बनाने का काम कर रहे हैं।

अगस्त से शुरू होंगे दूसरे बैच के आवेदन

सरकार अब LMHP के दूसरे बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। अगस्त 2026 से इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। इस चरण में 10 नए फेलो और 7 सीनियर एसोसिएट का चयन किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य पंजाब के सभी 23 जिलों में प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जो नशा रोकथाम, उपचार और पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू कर सके।

डेटा आधारित रणनीति पर रहेगा जोर

यह कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन संचालित किया जा रहा है और इसमें डेटा इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (DITSU) भी सहयोग कर रही है। कार्यक्रम के तहत चयनित फेलो को साक्ष्य आधारित रणनीतियों, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक हस्तक्षेप के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ नशा मुक्ति अभियानों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बना सकें।

पुनर्वास को बनाया जा रहा अभियान का प्रमुख आधार

पंजाब सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता और पुनर्वास भी इसकी सफलता के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी सोच के साथ LMHP कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ने से नशे से प्रभावित लोगों तक समय पर परामर्श, उपचार और पुनर्वास सेवाएं पहुंचाना आसान होगा। इससे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को राज्यभर में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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