पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक में राज्य के लिए निर्बाध बिजली और नियमित कोयला आपूर्ति की मांग उठाई। मान के अनुसार, केंद्र ने उनकी लगभग सभी मांगें स्वीकार करते हुए आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।
चंडीगढ़: पंजाब को निर्बाध बिजली और नियमित कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ अहम बैठक की। मुख्यमंत्री के अनुसार, बैठक में राज्य की बिजली जरूरतों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी मांगों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र ने पंजाब की लगभग सभी मांगों को स्वीकार करते हुए बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया है। यह मुद्दा राज्य की कृषि गतिविधियों और खाद्यान्न उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
पंजाब की बिजली जरूरतों पर भगवंत मान ने केंद्र के सामने रखी मांग
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक में पंजाब की ऊर्जा जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि पंजाब देश के केंद्रीय अनाज भंडार में महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्य की ओर से करीब 1.8 करोड़ मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति की जाती है। इस योगदान को बनाए रखने के लिए कृषि और खाद्यान्न उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों में बिजली की नियमित उपलब्धता जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन के लिए कोयले की निरंतर आपूर्ति की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने केंद्र को बताया कि बिजली और कोयले की उपलब्धता में किसी तरह की बाधा आने से राज्य में कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए पंजाब की जरूरतों के अनुरूप बिजली और कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।
केंद्र ने मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने पंजाब की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया। उनके अनुसार, केंद्र ने लगभग सभी मांगों को स्वीकार करते हुए राज्य को निर्बाध बिजली और कोयला आपूर्ति का भरोसा दिया है।
मान ने इस बैठक को पंजाब की ऊर्जा जरूरतों और खाद्यान्न उत्पादन से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में केंद्र की ओर से स्वीकार की गई सभी मांगों का विस्तृत विवरण और आपूर्ति की समयसीमा स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए वास्तविक आपूर्ति व्यवस्था और उसके क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
कृषि और खाद्यान्न उत्पादन के लिए बिजली की नियमित उपलब्धता जरूरी
पंजाब की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। धान की खेती से लेकर फसल की कटाई और कटाई के बाद की प्रक्रियाओं तक बिजली की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बिजली की नियमित उपलब्धता किसानों और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए अहम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भविष्य में भी देश के केंद्रीय अनाज भंडार में अपना योगदान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राज्य को बिजली और कोयले की पर्याप्त तथा नियमित आपूर्ति की आवश्यकता है।
केंद्र से मिले आश्वासन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिजली और कोयले की आपूर्ति किस तरह सुनिश्चित की जाती है। यदि आपूर्ति निर्बाध रहती है, तो इससे राज्य की कृषि गतिविधियों और खाद्यान्न उत्पादन को निरंतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।









