विशाखापट्टनम में पीवी सिंधु स्पोर्ट्स अकादमी की आधारशिला, भारत को नए खेल चैंपियन देने की दिशा में बड़ा कदम

विशाखापट्टनम में पीवी सिंधु स्पोर्ट्स अकादमी और सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस का शिलान्यास हुआ। आंध्र प्रदेश सरकार ने विश्वस्तरीय खेल. नई नीति का संकल्प दोहराया

विशाखापट्टनम में पीवी सिंधु स्पोर्ट्स अकादमी और सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस का शिलान्यास किया गया। आंध्र प्रदेश सरकार ने विश्वस्तरीय खेल ढांचा विकसित करने और युवाओं, विशेषकर लड़कियों, को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए नई खेल नीति पर काम करने की बात कही।

विशाखापट्टनम: भारत की खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में पीवी सिंधु स्पोर्ट्स अकादमी एवं सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि एक ऐसा समग्र खेल इकोसिस्टम विकसित करना है, जहां युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें।

कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री नारा लोकेश और भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु मौजूद रहीं। दोनों ने इस परियोजना को भारत के खेल भविष्य के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।

खेलों में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर

शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए नारा लोकेश ने कहा कि खेलों में महिलाओं और विशेष रूप से लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उन्हें सुरक्षित, प्रेरणादायक और आधुनिक प्रशिक्षण वातावरण भी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक व्यापक खेल नीति तैयार कर रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में विश्वस्तरीय खेल संस्कृति विकसित करना है। उनके अनुसार, यदि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण, वैज्ञानिक सुविधाएं और पेशेवर मार्गदर्शन मिले तो भारत आने वाले वर्षों में कई नए अंतरराष्ट्रीय चैंपियन तैयार कर सकता है।

विश्वस्तरीय खेल इकोसिस्टम बनाने की योजना

नारा लोकेश ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतना नहीं, बल्कि एक ऐसा मजबूत खेल ढांचा तैयार करना है, जो खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास में मदद करे। उन्होंने बताया कि नई खेल नीति के तहत प्रतिभा की पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, खेल विज्ञान, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचिंग कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को बचपन से लेकर पेशेवर स्तर तक एक व्यवस्थित खेल प्रणाली उपलब्ध कराना है।

पीवी सिंधु की सोच केवल पदकों तक सीमित नहीं

कार्यक्रम के दौरान नारा लोकेश ने पीवी सिंधु को भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक बताते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियों ने करोड़ों युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि यह अकादमी केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं होगी, बल्कि भविष्य के हजारों खिलाड़ियों के लिए अवसरों का द्वार बनेगी। लोकेश के अनुसार, पीवी सिंधु का सपना केवल अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ऐसी मजबूत खेल व्यवस्था बनाना चाहती हैं जो आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करे।

2028 तक तैयार होगा आधुनिक स्पोर्ट्स कैंपस

पीवी सिंधु ने समारोह में विश्वास जताया कि यह परियोजना निर्धारित समय के अनुसार मई 2028 तक पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह परिसर भारत के सबसे आधुनिक और एकीकृत खेल एवं शिक्षा केंद्रों में शामिल होगा। सिंधु ने कहा कि यहां खिलाड़ियों को केवल खेल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और पेशेवर मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे खेल और जीवन दोनों क्षेत्रों में सफल हो सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अकादमी में अवसर केवल प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और साहस के आधार पर दिए जाएंगे।

कई खेलों के लिए मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

प्रस्तावित सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस को बहु-खेल (मल्टी-डिसिप्लिनरी) केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना में निम्नलिखित खेलों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी—

  • बैडमिंटन
  • तैराकी (स्विमिंग)
  • जिम्नास्टिक्स
  • शूटिंग
  • वेटलिफ्टिंग
  • बास्केटबॉल
  • फुटबॉल

इन खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अभ्यास क्षेत्र, फिटनेस सेंटर, रिकवरी सुविधाएं और खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

विशाखापट्टनम को मिलेगा नया वैश्विक पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से विशाखापट्टनम भारत के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है। विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित होने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के अवसर भी बढ़ सकते हैं। साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इससे खेल पर्यटन, स्थानीय रोजगार और खेल उद्योग को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

युवा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर

भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई बार संसाधनों और प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पाते। नई अकादमी का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही सही दिशा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रतिभा की पहचान समय रहते कर ली जाए और उसे उचित संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो भारत विभिन्न खेलों में अपनी वैश्विक स्थिति और मजबूत कर सकता है।

पीवी सिंधु ने भेंट किया यादगार रैकेट

कार्यक्रम के दौरान पीवी सिंधु ने नारा लोकेश को अपना वह बैडमिंटन रैकेट भेंट किया, जिससे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में सफलता हासिल की थी। इस प्रतीकात्मक उपहार को खेल भावना, प्रेरणा और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक माना गया।

Leave a comment