AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाकर अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया। पार्टी ने यह कदम सक्रिय नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया, ताकि सांसदों की भूमिकाओं में विविधता और अनुभव बढ़े।
New Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में अपने उपनेता राघव चड्ढा को इस पद से हटा दिया है। पार्टी ने इस जिम्मेदारी अब अशोक कुमार मित्तल को सौंप दी है। इस बदलाव का ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब राघव चड्ढा पार्टी के कई राष्ट्रीय कार्यक्रमों और अहम मसलों पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे थे। पहले राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल के करीबी नेताओं में गिना जाता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनकी भूमिका कम दिखाई देने लगी थी।
संजय सिंह की प्रतिक्रिया
AAP के वरिष्ठ सांसद संजय सिंह ने राघव चड्ढा के हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। मीडिया ने जब उनसे इस बदलाव के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि जो भी जानकारी साझा करनी थी, वह राज्यसभा सचिवालय को दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का निर्णय सचिवालय को अवगत करा दिया गया है और आगे किसी प्रकार का विवरण देने की जरूरत नहीं है।
संजय सिंह के बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी इस बदलाव को निष्पक्ष और प्रक्रिया आधारित कदम के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। उनका कहना था कि राज्यसभा सचिवालय को पार्टी के फैसले की जानकारी दे दी गई है, और अब इसे लागू किया जा रहा है।
राज्यसभा सचिवालय को भेजा गया पत्र
AAP ने राज्यसभा सचिवालय को लिखे पत्र में यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का समय आवंटित न किया जाए। इसके बजाय, सांसद अशोक कुमार मित्तल को पार्टी का डिप्टी लीडर बनाया जाए। यह कदम पार्टी के आंतरिक निर्णय और रणनीतिक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है।

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल पद परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यसभा में पार्टी की सक्रियता और नेतृत्व शैली में सुधार के उद्देश्य से किया गया है। पार्टी चाहती है कि सांसदों की भूमिकाएं समय-समय पर बदलती रहें और हर सांसद अनुभव प्राप्त कर सके।
अशोक कुमार मित्तल का बयान
अशोक कुमार मित्तल ने इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी में बदलाव एक निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि पहले एनडी गुप्ता उपनेता थे, फिर राघव चड्ढा ने जिम्मेदारी संभाली और अब उन्हें यह पद दिया गया है। मित्तल ने कहा कि कल किसी और सांसद को भी यह मौका मिल सकता है। उनका कहना था कि पार्टी चाहती है कि हर सांसद अलग-अलग भूमिकाओं से सीखें और अनुभव प्राप्त करें।
अशोक मित्तल के बयान से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी इस बदलाव को व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि संगठनात्मक रणनीति के रूप में देख रही है। उनके अनुसार, यह निर्णय नए अनुभव और नेतृत्व विकास के अवसर प्रदान करता है।
राज्यसभा में आप के सांसद
वर्तमान में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं। इनमें से सात पंजाब से और तीन दिल्ली से हैं। राघव चड्ढा और अशोक कुमार मित्तल दोनों पंजाब से ही राज्यसभा सांसद हैं। इस बदलाव का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राघव चड्ढा की गतिविधियां हाल के महीनों में कम हो गई थीं।
राघव चड्ढा की भूमिका
पहले राघव चड्ढा को पार्टी में केजरीवाल के बेहद करीब माना जाता था। वह पार्टी के राष्ट्रीय कार्यक्रमों और रणनीतिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। लेकिन हाल के महीनों में उनकी सक्रियता में कमी आई और वह प्रमुख निर्णयों या कार्यक्रमों में कम दिखाई दिए।











