राहुल गांधी ने मीडिया पर साधा निशाना, कहा- ‘आप BJP के गुलाम हैं’

लोकसभा में राहुल गांधी ने मीडिया पर निशाना साधा। कहा कुछ पत्रकार BJP के पक्ष में काम कर रहे हैं। विशेषाधिकार प्रस्ताव की संभावना बनी।

लोकसभा में राहुल गांधी ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पत्रकार भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। उनके बयान पर विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए जाने की संभावना बनी, जिससे संसद का राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया।

New Delhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को मीडिया पर कड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ पत्रकार भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं और निष्पक्षता का पालन नहीं कर रहे हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब उनके खिलाफ विशेषाधिकार (Privilege Motion) प्रस्ताव लाए जाने की चर्चा चल रही थी। 

गांधी ने मीडिया से कहा कि कम से कम थोड़ी निष्पक्षता दिखाएं और केवल सत्ता पक्ष की बातों को मानकर कार्यक्रम न चलाएं। उनका यह बयान संसद में जारी राजनीतिक खींचतान के बीच आया है, जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य हालिया विवादों को लेकर लगातार बहस में उलझे हुए हैं।

विशेषाधिकार प्रस्ताव की संभावना

लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस प्रस्ताव का कारण गांधी द्वारा सदन में दिए गए कथित गुमराह करने वाले और बेबुनियाद बयान हैं। रिजिजू ने हालांकि स्पष्ट नहीं किया कि यह प्रस्ताव कब लाया जाएगा या इसे कौन पेश करेगा। लेकिन माना जा रहा है कि इसे सत्ता पक्ष का कोई सदस्य प्रारंभ कर सकता है।

व्यापार समझौते पर विवाद

राहुल गांधी ने विशेषाधिकार प्रस्ताव की चर्चा के ठीक बाद केंद्रीय बजट और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि व्यापार समझौते के माध्यम से भारत माता को ‘बेचा’ गया। गांधी ने कहा कि यदि इंडिया गठबंधन की सरकार होती, तो भारत को अमेरिका के राष्ट्रपति से बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए बातचीत की जाती। उन्होंने कहा कि इस समझौते में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों से समझौता किया गया है।

गांधी ने जोर देकर कहा कि इस समझौते के जरिए भारत का बड़ा हिस्सा अमेरिका को सौंप दिया गया और यह देश के हितों के खिलाफ है। उनका कहना था कि यह न केवल एक व्यापारिक मुद्दा है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता के विश्वास से जुड़ा मामला भी है।

संसद में बढ़ता तनाव

राहुल गांधी के बयान और विशेषाधिकार प्रस्ताव की चर्चा से संसद का राजनीतिक माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य दोनों ही हालिया विवादों को लेकर तीखी बहस में उलझे हुए हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह मामला गंभीर है और इसे संविधान के नियमों और संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार सुलझाया जाएगा।

मीडिया और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी

राहुल गांधी ने विशेष रूप से मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे निष्पक्ष रहें और केवल सत्ता पक्ष की बातें न दिखाएं। उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए देश की जनता तक सही जानकारी पहुँचाना जरूरी है और किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष में झुकाव लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। गांधी का मानना है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तभी संभव है जब मीडिया निष्पक्ष और स्वतंत्र रहे।

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