जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में शुक्रवार, 9 जनवरी को कांग्रेस जिला परिषद सदस्यों के सम्मेलन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी के भीतर चल रही राजनीति पर खुलकर अपनी बात रखी।
जयपुर: राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी के अंदर चल रही राजनीति और संगठनात्मक कमजोरियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में शुक्रवार (9 जनवरी) को कांग्रेस जिला परिषद सदस्यों के सम्मेलन में डोटासरा ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को आईना दिखाते हुए कहा कि डर और स्वार्थ की राजनीति पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी है।
‘हर नेता अपनी सीट बचाने में लगा है’
डोटासरा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में जड़ें कमजोर होने की वजह पार्टी के अंदर खुद नेताओं की सोच है। उन्होंने कहा,
'हर सांसद और विधायक अपनी सीट या अपने परिवार के लिए सुरक्षित रखना चाहता है। यही सोच पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है। नीचे के स्तर पर ब्लॉक प्रधान, पंचायत समिति या जिला परिषद जैसे पदों पर मजबूत ढांचा खड़ा नहीं होने दिया जाता। नेताओं को डर रहता है कि अगर नीचे का नेतृत्व मजबूत हो गया तो वही कल विधायक या सांसद की टिकट मांगने लगेंगे।'
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार नेता ऐसे लोग आगे लाते हैं जो कभी सवाल न करें और सिर्फ ‘नेताजी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। डोटासरा के अनुसार, यही अंदरूनी राजनीति कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी है।

टिकट मांगने पर दो टूक चेतावनी
सम्मेलन में मौजूद जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों की ओर से टिकट की मांग पर डोटासरा ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा, सिर्फ मांग करने से कुछ नहीं होगा। जमीन पर काम करके दिखाना पड़ेगा। जो पार्टी के लिए मेहनत करेगा, वही आगे आएगा। वरना हम आगे नहीं आने देंगे। डोटासरा ने स्वीकार किया कि कई बार कार्यकर्ताओं और नेतृत्व में सब्र की कमी होती है।
जल्दबाजी में यह ‘सांप-सीढ़ी’ का खेल खेला जाता है, जिसमें कई बार योग्य व्यक्ति की बलि चढ़ जाती है और वह पीछे रह जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही राजनीति पार्टी की क्षमता और संगठनात्मक मजबूती पर असर डालती है। सम्मेलन के अंत में डोटासरा ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि अगर कांग्रेस को मजबूत बनाना है तो नीचे से ऊपर तक ईमानदारी और मेहनत से संगठन खड़ा करना होगा। उन्होंने कहा, डर और स्वार्थ की राजनीति छोड़कर योग्यता और मेहनत को आगे बढ़ाना ही पार्टी के भविष्य के लिए जरूरी है।












