राजस्थान में कल से शुरू होगा वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान, 12 दिन तक चलेंगे कार्यक्रम

राजस्थान में 25 मई से वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान शुरू होगा। 12 दिन तक जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान और जागरूकता कार्यक्रम चलेंगे।

राजस्थान सरकार 25 मई से वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान शुरू करेगी। 12 दिन तक चलने वाले इस अभियान में जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जयपुर: राजस्थान में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 25 मई से ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा टोंक के बीसलपुर बांध पर जल पूजन के साथ इसकी शुरुआत करेंगे। अभियान 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक चलेगा और इसमें लाखों लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।

बीसलपुर बांध से होगा अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को टोंक स्थित बीसलपुर बांध पर जल पूजन और शिव मंदिर में अभिषेक कर अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे ईसरदा, बंध बरेठा और गालवा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे।

शाम को मुख्यमंत्री भरतपुर पहुंचकर गंगा माता मंदिर में आरती और सुजानगंगा नहर में दीपदान कार्यक्रम में शामिल होंगे। सरकार इस अभियान को जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की बड़ी पहल के रूप में पेश कर रही है।

गांव-शहरों में होंगे हजारों कार्यक्रम

अभियान के तहत प्रदेशभर में कुओं, तालाबों, बावड़ियों और नहरों की सफाई, श्रमदान और पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, महिलाओं और युवाओं को इसमें जोड़ा गया है।

स्कूलों में प्रभात फेरियां और प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जबकि राजीविका समूहों की महिलाएं कलश यात्राएं निकालेंगी। सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है।

5 जून को होगा समापन

अभियान का समापन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों के साथ किया जाएगा। इस दौरान जल संरक्षण में बेहतर योगदान देने वाले भामाशाहों, पंचायतों और संस्थाओं को “जल गौरव सम्मान” प्रदान किया जाएगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष इस अभियान के दौरान प्रदेश में 3.70 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए थे और करीब 2.53 करोड़ लोगों ने भागीदारी की थी।

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