राजगीर में 9 अगस्त को होगा 'तिरंगा ट्रैक', सिर्फ 30 युवाओं को मौका; पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर एंट्री, रजिस्ट्रेशन जारी

राजगीर में 9 अगस्त को तिरंगा ट्रैक का आयोजन होगा। इसमें सिर्फ 30 युवाओं को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर प्रवेश मिलेगा। रजिस्ट्रेशन जारी है।
राजगीर में 9 अगस्त को होगा 'तिरंगा ट्रैक', सिर्फ 30 युवाओं को मौका; पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर एंट्री, रजिस्ट्रेशन जारी
Photo Credit / Attribution: Google

नालंदा/राजगीर। स्वतंत्रता दिवस से पहले युवाओं में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने और उन्हें प्रकृति के करीब ले जाने के उद्देश्य से राजगीर में 9 अगस्त को 'तिरंगा ट्रैक' का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में युवाओं को राजगीर की पहाड़ियों और प्राकृतिक वातावरण के बीच ट्रैकिंग का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ 30 युवाओं को शामिल होने का मौका दिया जाएगा। प्रतिभागियों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जो युवा इस ट्रैक का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराना होगा। प्रतिभागियों की संख्या सीमित रखे जाने के कारण सीटें जल्दी भरने की संभावना है।

'तिरंगा ट्रैक' का आयोजन स्वतंत्रता दिवस से पहले होने वाले विशेष कार्यक्रमों की कड़ी के रूप में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, एडवेंचर और देशभक्ति से जोड़ना है। ट्रैकिंग के दौरान प्रतिभागी तिरंगा लेकर प्राकृतिक रास्तों पर आगे बढ़ेंगे और देश के प्रति सम्मान व गौरव का संदेश देंगे।

राजगीर को इस आयोजन के लिए चुना जाना भी खास है। पहाड़ियों, जंगलों और ऐतिहासिक स्थलों से घिरा राजगीर बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता ट्रैकिंग और एडवेंचर गतिविधियों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। ऐसे में तिरंगा ट्रैक के जरिए युवाओं को राजगीर के प्राकृतिक और पर्यटन महत्व से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं को ट्रैकिंग के दौरान निर्धारित मार्ग का पालन करना होगा। आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से प्रतिभागियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। पहाड़ी क्षेत्र में ट्रैकिंग होने के कारण प्रतिभागियों को आरामदायक कपड़े और उपयुक्त जूते पहनकर आने की सलाह दी जा सकती है।

बारिश के मौसम में राजगीर की पहाड़ियों का वातावरण और भी आकर्षक हो जाता है। हरियाली और बादलों के बीच ट्रैकिंग का अनुभव युवाओं के लिए यादगार हो सकता है। हालांकि बारिश के कारण पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे भी हो सकते हैं, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

आयोजन में युवाओं की सीमित संख्या रखने का एक कारण यह भी है कि प्रतिभागियों की बेहतर निगरानी की जा सके। सिर्फ 30 युवाओं के शामिल होने से आयोजकों को पूरे समूह को एक साथ लेकर चलने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में आसानी होगी।

'तिरंगा ट्रैक' केवल मनोरंजन या ट्रैकिंग तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रम के जरिए युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, फिटनेस और प्रकृति संरक्षण जैसे संदेशों को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी। तिरंगे के साथ ट्रैकिंग युवाओं को स्वतंत्रता दिवस के महत्व से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

राजगीर में इस तरह के आयोजन पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकते हैं। स्थानीय स्तर पर आने वाले युवाओं और पर्यटकों से आसपास के दुकानदारों, होटल संचालकों और अन्य कारोबारियों को भी लाभ मिल सकता है। इससे राजगीर को एडवेंचर और युवा गतिविधियों के केंद्र के रूप में बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

आयोजकों की ओर से युवाओं से अपील की गई है कि वे रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम समय का इंतजार न करें। सिर्फ 30 सीटें होने और पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिए जाने के कारण इच्छुक प्रतिभागियों को जल्द आवेदन करना होगा।

कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं के लिए समय, स्थान, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों की जानकारी आयोजकों की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतिभागियों को कार्यक्रम में पहुंचने से पहले सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

राजगीर में 9 अगस्त को होने वाला यह तिरंगा ट्रैक स्वतंत्रता दिवस से पहले युवाओं के लिए एक अलग तरह का अनुभव देने वाला कार्यक्रम होगा। एडवेंचर, फिटनेस और देशभक्ति के मेल वाले इस आयोजन में केवल 30 युवाओं को मौका मिलेगा, इसलिए इच्छुक युवाओं के लिए जल्द रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

Leave a comment