85 दिन में छात्रा को 2 बार बेचा, पहले कोलकाता-फिर भागलपुर: महिला SI ने मानव तस्करों पर पिस्टल तानकर बचाया

छात्रा को 85 दिनों में दो बार बेचने का आरोप है। कोलकाता और भागलपुर में तस्करों के चंगुल में फंसी छात्रा को महिला SI ने हथियार तानकर सुरक्षित बचाया।

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में मानव तस्करी से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक छात्रा को महज 85 दिनों के भीतर दो बार बेचा गया। पहले उसे कोलकाता ले जाकर बेचने की बात सामने आई और बाद में उसे भागलपुर पहुंचाया गया। छात्रा के तस्करों के चंगुल में फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इस दौरान एक महिला SI ने कथित मानव तस्करों के सामने पिस्टल तानकर छात्रा को सुरक्षित रेस्क्यू कराया।

रेस्क्यू ऑपरेशन की कहानी किसी फिल्मी घटनाक्रम से कम नहीं बताई जा रही है। पुलिस टीम को जैसे ही छात्रा के ठिकाने की जानकारी मिली, महिला पुलिस अधिकारी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। महिला SI ने बिना देर किए अपनी पिस्टल निकाल ली और छात्रा को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, छात्रा को नौकरी और बेहतर भविष्य का लालच देकर जाल में फंसाए जाने की आशंका है। इसके बाद उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया गया। आरोप है कि मानव तस्करी से जुड़े लोगों ने उसे पहले कोलकाता में बेचा और फिर भागलपुर लाकर दोबारा बेच दिया।

लगभग 85 दिनों के दौरान छात्रा को दो अलग-अलग जगहों पर बेचे जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और छात्रा को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में किन लोगों ने भूमिका निभाई।

छात्रा को बचाने के लिए की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी छात्रा को दूसरी जगह ले जा सकते हैं या पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर सकते हैं। इसी वजह से टीम ने ठिकाने पर पहुंचते ही तेजी से कार्रवाई की।

महिला SI ने मौके पर मौजूद संदिग्ध लोगों को नियंत्रित किया और छात्रा को वहां से बाहर निकाला। पुलिस की मौजूदगी और हथियार देखकर आरोपी कथित तौर पर पीछे हट गए। इसके बाद छात्रा को सुरक्षित पुलिस टीम के साथ लाया गया।

रेस्क्यू के बाद छात्रा से पूछताछ की गई। पुलिस अब उसके बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। छात्रा ने किन परिस्थितियों में घर छोड़ा, उसे किसने बहला-फुसलाया, कोलकाता में उसे किसके पास रखा गया और बाद में भागलपुर कैसे लाया गया, इन सभी सवालों के जवाब जांच में महत्वपूर्ण होंगे।

मानव तस्करी के मामलों में अक्सर पीड़ितों को नौकरी, शादी, पढ़ाई या बेहतर जीवन का भरोसा देकर दूसरे शहरों में ले जाया जाता है। बाद में उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अलग-अलग लोगों के हाथों बेचने का आरोप लगता है। इस मामले में भी पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है।

पुलिस अब उस नेटवर्क की तलाश कर रही है जिसने छात्रा को कथित तौर पर पहले कोलकाता और फिर भागलपुर में बेचा। जांच में मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन, यात्रा रिकॉर्ड और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।

पुलिस को यह भी पता लगाना है कि छात्रा को कोलकाता ले जाने और वहां से भागलपुर लाने में कौन-कौन से लोग शामिल थे। यदि इस नेटवर्क में कई जिलों या राज्यों के लोग शामिल पाए जाते हैं तो पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

छात्रा के रेस्क्यू के बाद उसके परिवार को भी राहत मिली है। लंबे समय से उसकी तलाश कर रहे परिजनों को पुलिस कार्रवाई के बाद उसके सुरक्षित मिलने की जानकारी दी गई। परिवार के लिए यह बेहद भावुक क्षण रहा, क्योंकि छात्रा कई सप्ताह से उनके संपर्क में नहीं थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। केवल रेस्क्यू तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे मानव तस्करी नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि इससे पहले कितने लोगों को इसी तरीके से दूसरे शहरों में भेजा या बेचा गया।

इस मामले में महिला SI की भूमिका की भी चर्चा हो रही है। जोखिम भरे माहौल में पुलिस टीम के साथ पहुंचकर छात्रा को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण था। महिला अधिकारी द्वारा मौके पर तत्काल निर्णय लेने से रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा।

घटना ने मानव तस्करी के उस नेटवर्क की गंभीरता को सामने रखा है, जिसमें कमजोर और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाया जाता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा को किसने फंसाया और उसके पीछे कौन-कौन लोग काम कर रहे थे।

फिलहाल छात्रा को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। 85 दिनों में दो बार बेचे जाने के आरोप और महिला SI के साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मानव तस्करी के नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है।

Leave a comment