राजस्थान: Lado Protsahan Yojana से सरकारी अस्पताल में जन्मी बेटियों को निजी स्कूलो में भी मिलेगा फायदा

राजस्थान: Lado Protsahan Yojana से सरकारी अस्पताल में जन्मी बेटियों को निजी स्कूलो में भी मिलेगा फायदा
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लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत राजस्थान में जन्मी बेटियों को सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाई पर आर्थिक मदद मिलेगी। योजना में जन्म से स्नातक तक सात किस्तों में कुल 1.50 लाख रुपए दिए जाएंगे।

Rajasthan: राजस्थान सरकार की लाडो प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को जन्म से लेकर शिक्षा पूरी करने तक आर्थिक मदद और प्रोत्साहन देना है। पहले इसे राजश्री स्कीम के नाम से जाना जाता था। अब योजना का लाभ सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को भी इसका फायदा मिलेगा।

इस योजना के तहत राज्य सरकार प्रत्येक बेटी को सात अलग-अलग अवसरों पर कुल 1.50 लाख रुपए की सहायता देती है। यह सहायता उनके शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन का काम करती है। योजना से बेटियों के परिवारों को भी आर्थिक मदद मिलती है और लिंग समानता को बढ़ावा मिलता है।

किस्तों और राशि की जानकारी

लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत बेटियों को कुल सात किस्तों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। पहली किस्त ₹2,500 की राशि बेटी के जन्म पर दी जाती है। इसके बाद, जब बेटी 1 वर्ष की हो जाती है और उसका टीकाकरण पूरा हो जाता है, तब दूसरी किस्त ₹2,500 की राशि के रूप में प्रदान की जाती है। तीसरी किस्त ₹4,000 की राशि कक्षा 1 में प्रवेश पर दी जाती है, जबकि चौथी किस्त ₹5,000 की राशि कक्षा 6 में प्रवेश पर मिलती है। पाँचवी किस्त ₹10,000 कक्षा 10 में प्रवेश पर दी जाती है। छठी किस्त ₹25,000 की राशि कक्षा 12 में प्रवेश पर मिलती है। 

अंत में, स्नातक पूरा होने और बेटी की 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर सातवीं किस्त ₹1,00,000 की राशि के रूप में दी जाती है। यह योजना सुनिश्चित करती है कि बेटी के हर महत्वपूर्ण शिक्षा और विकास चरण पर परिवार को आर्थिक मदद प्राप्त होती रहे।

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:

  • बच्ची राजस्थान में सरकारी या अधिकृत अस्पताल में जन्मी हो।
  • बच्ची सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में पढ़ाई कर रही हो।
  • टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य मानक पूरे हों।
  • परिवार की जानकारी और बैंक डिटेल्स पोर्टल पर उपलब्ध हों।

आवेदन आम तौर पर स्वतः प्रोसेस होता है। जन्म और स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर शाला दर्पण और जन आधार कार्ड से डेटा मिलता है। बैंक खाता और आधार कार्ड की जानकारी सिस्टम में दर्ज रहती है। राज्य सरकार पोर्टल के माध्यम से निर्देश और भुगतान की प्रक्रिया करती है।

प्रशिक्षण और जागरूकता

महिला अधिकारिता, चिकित्सा और शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक जिला स्तर पर स्कूलों के नोडल अधिकारी और सीबीईईओ को योजना से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में आवेदन भरने, दस्तावेज अपलोड करने, आवेदन लॉक करने और भुगतान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

योजना का लाभ 2024-25 से दिया जाना था, लेकिन प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई। अब सरकार ने इसे लागू कर दिया है और बेटियों के परिवारों को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है।

योजना से मिलने वाले लाभ

  • बेटियों को शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • शिक्षा के हर महत्वपूर्ण चरण पर वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  • लिंग समानता को बढ़ावा देना और परिवारों को आर्थिक सहायता देना।

यह योजना राजस्थान में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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