बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में कार और डंपर की भीषण टक्कर में घायल बच्ची की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की जान चली गई। परिवार मुकाम धाम से हरियाणा लौट रहा था।
बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। सोमवार को श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में कार और डंपर की भीषण टक्कर में गंभीर रूप से घायल एक बच्ची ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या सात हो गई है।
बच्ची का इलाज बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था, जहां चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस दुर्घटना में कार में सवार परिवार का कोई भी सदस्य जीवित नहीं बच पाया।
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि एक पूरे परिवार के खत्म हो जाने की त्रासदी बन गया है, जिसने हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों के लोगों को झकझोर दिया है।
रिटायरमेंट के बाद परिवार संग धार्मिक यात्रा पर निकले थे ओमप्रकाश
मृतकों में शामिल ओमप्रकाश हरियाणा के फतेहाबाद जिले के मतेना गांव के निवासी थे। वे एक सरकारी विभाग में वरिष्ठ लेखाकार के पद पर कार्यरत थे और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे।
जानकारी के अनुसार, 31 मई को सेवानिवृत्ति के बाद यह उनकी पहली पारिवारिक धार्मिक यात्रा थी। परिवार के सदस्यों के साथ वे राजस्थान स्थित प्रसिद्ध मुकाम धाम में दर्शन करने पहुंचे थे। यह यात्रा उनके लिए जीवन के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही थी, लेकिन दुर्भाग्यवश यह यात्रा पूरे परिवार की आखिरी यात्रा साबित हुई।
ग्रामीणों और परिचितों के अनुसार, ओमप्रकाश धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और नियमित रूप से मुकाम धाम दर्शन के लिए जाया करते थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपने परिवार को भी इस आध्यात्मिक यात्रा में शामिल किया था।
दर्शन के बाद लौटते समय हुआ हादसा
परिवार रविवार को मुकाम धाम पहुंचा था और वहां धार्मिक अनुष्ठानों तथा दर्शन के बाद सोमवार को अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान उनकी कार श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में एक डंपर से टकरा गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद वाहन बुरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया।
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दुर्घटना की भयावहता ने सभी को झकझोरा
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार चला रहे ओमप्रकाश का शव वाहन के स्टेयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस गया था। बचाव दल को उन्हें निकालने के लिए विशेष प्रयास करने पड़े।
कार की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। दुर्घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह एक अत्यंत गंभीर टक्कर प्रतीत होती है, हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच जारी है।
छह लोगों की मौके पर मौत
हादसे के तुरंत बाद छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों में परिवार के मुखिया ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमा देवी, बेटी प्रमिला, दो नातिनें यशवी और खुशी तथा पोता रोनित शामिल थे।
गंभीर रूप से घायल एक अन्य बच्ची तन्वी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था। चिकित्सकों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें अत्यधिक गंभीर होने के कारण वह भी जिंदगी की जंग हार गई। इसके बाद कार में सवार सभी सात लोगों की मौत की पुष्टि हो गई।
तीन पीढ़ियां एक साथ हुईं हादसे का शिकार
इस दुर्घटना की सबसे दुखद बात यह है कि इसमें परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ समाप्त हो गईं। दादा-दादी, उनकी बेटी, नाती-पोते और नातिनें—सभी इस हादसे का शिकार बन गए।
मृतकों में शामिल बच्चों की उम्र भी काफी कम थी। परिवार के छोटे सदस्य भविष्य के सपनों और उम्मीदों के साथ जीवन की शुरुआत कर रहे थे, लेकिन एक पल में सब कुछ खत्म हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा कोई हादसा हुआ हो जिसमें एक ही परिवार के इतने सदस्य एक साथ अपनी जान गंवा बैठे हों।
गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर जैसे ही हरियाणा के मतेना गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओमप्रकाश सामाजिक और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे तथा गांव में उनका सम्मान किया जाता था।
गांव के लोगों ने बताया कि परिवार धार्मिक, शांतिप्रिय और समाज से जुड़ा हुआ था। हादसे की सूचना मिलने के बाद कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और लोग शोक में डूब गए।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के सात लोगों की मौत ने पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य मार्गों पर होने वाले घातक हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारी वाहनों और निजी वाहनों के बीच होने वाली टक्करों में अक्सर जान-माल का भारी नुकसान होता है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन, वाहन की तकनीकी स्थिति, गति नियंत्रण और यातायात प्रबंधन ऐसे कारक हैं जो दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।








