दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों पर कार्रवाई के बीच राकेश टिकैत ने विरोध जताया है। उन्होंने किसानों और आम लोगों पर कार्रवाई को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी। मुजफ्फरनगर में 100 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की गई है।
मुजफ्फरनगर: दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों को कबाड़ कराने और सीज करने की कार्रवाई के बीच भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर किसान और आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। टिकैत ने कार्रवाई नहीं रोके जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, परिवहन विभाग के अनुसार अभियान नियमों के तहत जारी रहेगा।
पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग की ओर से अवधि पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मुजफ्फरनगर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को लेकर अभियान चलाया गया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अजय कुमार मिश्रा के अनुसार, विभागीय अभियान के तहत नियमों के विपरीत चल रहे पुराने दोपहिया और चौपहिया वाहनों को सीज कर स्क्रैप कराया जा रहा है। एक सप्ताह में 55 पुराने दोपहिया और चौपहिया वाहनों को कबाड़ कराया गया, जबकि 35 वाहनों को सीज किया गया है।
जिले में हजारों पुराने वाहन कार्रवाई के दायरे में
परिवहन विभाग के मुताबिक, जिले में 10 साल से अधिक पुराने 10 हजार से ज्यादा डीजल वाहन हैं। इसके अलावा 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल से चलने वाले 90 हजार से ज्यादा दोपहिया, चौपहिया और हल्के वाहन बताए गए हैं। विभाग ने संकेत दिया है कि पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
एआरटीओ अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि पुराने वाहन स्क्रैप कराने के बाद नए वाहन की खरीद पर टैक्स समेत कुछ अन्य मामलों में राहत का प्रावधान है।
राकेश टिकैत ने कार्रवाई का किया विरोध
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पुराने वाहनों पर कार्रवाई को लेकर इंटरनेट मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्यमियों को अलग-अलग मामलों में राहत मिलती है, जबकि किसान और आम आदमी को कार्रवाई के नाम पर डराया जा रहा है।
टिकैत ने कहा कि एनसीआर के विभिन्न जिलों में पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बाइक और कार के साथ ट्रैक्टर भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से जिन क्षेत्रों में वाहन पकड़े गए हैं, वहां लोगों को राहत देने की मांग की।
प्रदूषण और किसानों की परेशानी का मुद्दा उठाया
राकेश टिकैत ने प्रदूषण को लेकर सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के लिए किसानों को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि उनके अनुसार बड़ी फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने किसानों को पुराने वाहनों की कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन के लिए तैयार रहने की बात कही। वहीं, परिवहन विभाग का कहना है कि अभियान नियमों के तहत चलाया जा रहा है और पुराने वाहनों को सीज तथा स्क्रैप कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।











