अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की गणना व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। एसबीआई की योजना के तहत कर्मचारियों की संख्या कम कर नोट और सिक्के गिनने व छांटने के लिए मशीनें लगाई जाएंगी। गणना कक्ष को अगले वर्ष नए स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी सामने आने के बाद दान की गणना व्यवस्था में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। अब गणना कक्ष में कर्मचारियों की संख्या कम करने की तैयारी है। नोटों की गिनती, बंडलिंग और मूल्य के अनुसार छंटाई के लिए काउंटिंग और शॉर्टिंग मशीनें लगाई जाएंगी।
चढ़ावा गणना व्यवस्था में किया जा रहा बदलाव
अयोध्या स्थित राम मंदिर में दर्शनार्थियों की ओर से अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी है। चढ़ावे की गणना के दौरान चोरी और अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद गणना कक्ष की व्यवस्थाओं को पहले ही काफी हद तक बदला जा चुका है। अब इसमें तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी का पूरी तरह पालन शुरू होने के बाद कर्मचारियों की संख्या कम करने की तैयारी है। उनकी जगह नोटों की गिनती और छंटाई के लिए आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से इस प्रस्ताव की जानकारी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों और अधिकारियों को दी जा चुकी है।
नोटों की गिनती और छंटाई मशीन से होगी
फिलहाल यात्री सुविधा केंद्र यानी पीएफसी में चढ़ावे की गणना कराई जा रही है। इसमें आउटसोर्सिंग एजेंसी और बैंक कर्मचारियों को मिलाकर एक शिफ्ट में करीब 12 से 15 कर्मचारी काम करते हैं। कर्मचारी नोटों की गिनती के साथ उनकी बंडलिंग और मूल्य के अनुसार अलग-अलग छंटाई का काम करते हैं।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद काउंटिंग मशीन और शॉर्टिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नोटों की गिनती और उन्हें मूल्य के आधार पर अलग करने का काम तेजी से और अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। इसके अलावा सिक्कों की गिनती और छंटाई के लिए क्वाइन काउंटिंग एवं शॉर्टिंग मशीन लगाने की भी योजना है।
चढ़ावा चोरी की जांच के दौरान गणना प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद गणना कक्ष में निगरानी बढ़ाने के साथ सुरक्षा के कई उपाय लागू किए गए। अब मशीनों के इस्तेमाल से मानवीय हस्तक्षेप कम करने की दिशा में भी कदम उठाया जा रहा है।
अगले साल नए स्थान पर शिफ्ट होगा गणना कक्ष
गणना प्रक्रिया में बदलाव के साथ गणना कक्ष को नए स्थान पर स्थानांतरित करने की भी तैयारी चल रही है। मंदिर निर्माण से जुड़ी कंपनी एलएंडटी का कार्यालय खाली होने के बाद गणना कक्ष को परकोटे के बेसमेंट में शिफ्ट किया जाएगा।
फिलहाल परकोटे के बेसमेंट में एलएंडटी का कार्यालय है और उसे नए उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है। योजना के अनुसार अगले वर्ष तक चढ़ावे की गणना इसी नए स्थान पर शुरू कर दी जाएगी। पीएफसी में बना मौजूदा गणना कक्ष अस्थायी व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य चढ़ावे की गणना को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। मशीनों के इस्तेमाल से कर्मचारियों की संख्या कम होने के साथ गिनती और छंटाई की प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है। ट्रस्ट और बैंक की ओर से व्यवस्था को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।









