रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी है। छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलनकारी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, CBI जांच और कथित लाठीचार्ज की जांच की मांग कर रहे हैं तथा मुख्यमंत्री से बातचीत चाहते हैं।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और अनशन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस फैसला नहीं करती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराना शामिल है। आंदोलनकारी अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार और छात्रों के बीच सीधी बातचीत से मामले का समाधान निकाला जा सकता है।
छह छात्र भूख हड़ताल पर
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छह छात्र फिलहाल भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें छात्र रूपेश कुमार पाल भी शामिल हैं, जो लगातार नौ दिनों से अनशन पर हैं। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि प्रदर्शन केवल किसी एक परीक्षा या कुछ अभ्यर्थियों से जुड़ा मामला नहीं है। उनके मुताबिक, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और प्रक्रिया में भरोसा हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
रिफॉर्म कमिटी के सदस्य सुबोध महली ने कहा कि विधानसभा घेराव के बाद छात्र संगठन बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त करने की योजना नहीं है और आने वाले दिनों में इसे और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत चाहते हैं छात्र
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने मुख्यमंत्री से आंदोलनकारी छात्रों के साथ सीधे संवाद करने की अपील की है। उनका कहना है कि छात्र राजनीति नहीं करना चाहते, बल्कि भर्ती परीक्षाओं और अपने भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों के पास अपनी मांगों के समर्थन में तर्क हैं और मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद होने पर वे अपनी बात विस्तार से रख सकते हैं। छात्रों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनेगी और समाधान की दिशा में कदम उठाएगी। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनके मुद्दे लंबे समय से उठाए जा रहे हैं और बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालना बेहतर विकल्प हो सकता है।
लाठीचार्ज के विरोध में निकाला मौन जुलूस
छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद बढ़ गया है। मंगलवार शाम रांची में छात्रों ने कथित लाठीचार्ज के विरोध में मौन जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों को गुलाब दिए।
प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का संदेश देते हुए पुलिस के सामने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान छात्रों की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि वे हिंसा के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाना चाहते हैं। अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने विधानसभा घेराव में शामिल सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कथित लाठीचार्ज की घटना को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
देवेंद्र महतो ने सरकार से पूछा- लाठीचार्ज क्यों हुआ?
अस्पताल में उपचार करा रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार से कथित लाठीचार्ज को लेकर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों की गई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने सरकार को लिखे पत्र में कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। उनका कहना है कि शारीरिक कमजोरी के बावजूद न्याय की मांग और आंदोलन के प्रति उनका संकल्प कमजोर नहीं हुआ है। छात्र नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई है।

डीसी और एसएसपी पहुंचे धरना स्थल
मंगलवार रात करीब 12:30 बजे रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और SSP जयपाल सिंह स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पहुंचे। अधिकारियों ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। डीसी ने छात्रों से कहा कि यदि कोई छात्र अपने घर वापस जाना चाहता है तो प्रशासन की ओर से उसके लिए वाहन की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने छात्रों को किसी भी समस्या की स्थिति में प्रशासन को सूचना देने की बात कही।
वहीं, SSP ने JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच और JPSC-JSSC न्याय मंच से जुड़े छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों से यह जानने की कोशिश की कि कितने अभ्यर्थियों ने JPSC और कितने ने JSSC-CGL परीक्षा दी है। अधिकारियों ने छात्रों की अलग-अलग मांगों को समझने का प्रयास किया। छात्रों ने जवाब दिया कि आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह राज्य में भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा व्यापक सवाल है।
BHU छात्रों ने भी किया उपवास
झारखंड में आंदोलनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने भी समर्थन जताया। BHU परिसर में छात्रों ने एक दिवसीय उपवास किया और झारखंड के आंदोलनकारी विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
BHU के छात्रों ने झारखंड सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय है। BHU के छात्रों ने कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए घायल छात्रों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उनके आंदोलन को समर्थन दिया।
झारखंड बंद के दौरान भी दिखा असर
रांची में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को भाजपा ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। बंद के दौरान रांची सहित झारखंड के कुछ हिस्सों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और सड़क जाम किया।
कुछ स्थानों पर दुकानों को बंद कराने की कोशिश की गई, जबकि कई जगह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई थी। झारखंड विधानसभा के घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी झड़प की स्थिति बनी। पुरानी विधानसभा के आसपास जुटे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेने की कोशिश की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और कुछ पुलिस वाहनों के सामने आ गए। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को हटाने के प्रयास के दौरान धक्का-मुक्की हुई और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।
आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा?
बुधवार सुबह छात्र संगठनों की बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की जानी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में फिलहाल छात्रों की संख्या पहले की तुलना में कम बताई जा रही है, लेकिन आंदोलनकारी नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसी मांगों पर स्पष्ट निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब छात्रों की नजर सरकार की अगली पहल पर है। आंदोलनकारी मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से छात्रों से बातचीत और भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की जा चुकी है।
आने वाले दिनों में सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है, यह स्थिति के आगे के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। फिलहाल रांची में छात्र आंदोलन 19वें दिन भी जारी है और परीक्षा सुधार का मुद्दा राज्य की राजनीति और छात्र संगठनों के बीच प्रमुख विषय बना हुआ है।












