लखनऊ में मेट्रो यात्रियों के लिए बुधवार से इलेक्ट्रिक फीडर सेवा शुरू हुई। चार रूटों पर चलने वाली यह सुविधा सुबह 6 बजे से रात 10:30 बजे तक मिलेगी। इसका किराया ₹15 से ₹50 तक होगा।
लखनऊ: मेट्रो यात्रियों की अंतिम गंतव्य तक पहुंच आसान बनाने के लिए इलेक्ट्रिक फीडर सेवा शुरू की गई है। ‘अंजनेय’ नाम की यह सेवा अमौसी और इंदिरानगर मेट्रो स्टेशनों को चार रूटों से जोड़ेगी। वाहनों में GPS ट्रैकिंग, निगरानी कैमरे और SOS जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
दो मेट्रो स्टेशनों से चार रूटों पर मिलेगी सेवा
लखनऊ मेट्रो यात्रियों के लिए अब स्टेशन से अपने गंतव्य तक पहुंचना आसान होगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने यात्रियों को बेहतर अंतिम छोर तक परिवहन सुविधा देने के लिए इलेक्ट्रिक फीडर सेवा शुरू की है। इस सेवा को ‘अंजनेय’ नाम दिया गया है।
नई सेवा बुधवार शाम से शुरू हुई। यात्री इसका इस्तेमाल सुबह 6 बजे से रात 10:30 बजे तक कर सकेंगे। अलग-अलग रूट के अनुसार इसका किराया 15 से 50 रुपये के बीच रखा गया है। इससे उन यात्रियों को खास राहत मिलेगी, जिन्हें मेट्रो स्टेशन तक आने या स्टेशन से आगे जाने के लिए अलग वाहन की जरूरत पड़ती है।

इन इलेक्ट्रिक फीडर वाहनों में एक समय में करीब 10 से 12 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
इन इलाकों तक पहुंचेगी फीडर सेवा
बीआर-03, अमौसी मेट्रो स्टेशन: इस रूट पर नादरगंज चौराहा, हैदरी चौराहा, ग्वारी, सरोजनीनगर, स्कूटर इंडिया और बंथरा जैसे क्षेत्रों तक सेवा मिलेगी।
बीआर-04, इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन: इस रूट में पॉलिटेक्निक चौराहा, अवध बस स्टैंड, हुसड़िया, इकाना स्टेडियम, अहिमामऊ, लुलु मॉल और उतरेटिया शामिल हैं।
बीआर-08, इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन: यहां से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमता, चिनहट तिराहा, मटियारी चौराहा, बीबीडी, तिवारीगंज और अनौरा कला अंडरपास तक यात्री पहुंच सकेंगे।
आर-18, इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन: इस रूट से वेब मॉल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, कठौता चौराहा, गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, मंत्री आवास, लोहिया पथ, अयोध्या रोड और एचएएल क्षेत्र जुड़ेंगे।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
फीडर वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए SOS आपातकालीन सुविधा, निगरानी कैमरे और GPS ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई है। GPS की मदद से वाहनों की लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी, जबकि आपात स्थिति में SOS सुविधा यात्रियों के लिए उपयोगी होगी।
मेट्रो की राइडरशिप बढ़ाने की कोशिश
लखनऊ मेट्रो प्रशासन का उद्देश्य फीडर सेवा के जरिए यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देना और मेट्रो की राइडरशिप बढ़ाना है। फिलहाल कई यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने या वहां से अपने गंतव्य तक जाने के लिए निजी वाहन या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
मेट्रो प्रशासन ने पहले भी राजधानी में 26 रूटों पर फीडर सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया था। नई सेवा इसी दिशा में उठाया गया कदम है। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।











