भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री Rani Chatterjee अक्सर अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने नाम और पहचान को लेकर चल रहे भ्रम पर खुलकर बात की।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री रानी चटर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी व्यक्तिगत पहचान, असली नाम और धार्मिक पृष्ठभूमि को लेकर खुलकर बात की। लंबे समय से उनके नाम और धर्म को लेकर सोशल मीडिया तथा प्रशंसकों के बीच कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। अब अभिनेत्री ने स्वयं इन सवालों का जवाब देते हुए अपनी जिंदगी से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा की हैं।
रानी चटर्जी ने बताया कि उनका जन्म नाम सबिया शेख है और वह मुस्लिम परिवार से संबंध रखती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “रानी चटर्जी” उनका वास्तविक नाम नहीं, बल्कि फिल्मी करियर के दौरान मिला एक स्क्रीन नेम है, जिसके जरिए उन्हें पूरे देश में पहचान मिली।
असली नाम को लेकर किया खुलासा
एक मीडिया इंटरव्यू में बातचीत के दौरान रानी चटर्जी ने कहा कि लोग अक्सर उनके नाम और धार्मिक पहचान को लेकर भ्रमित रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनका वास्तविक नाम सबिया शेख है और यही नाम उनके परिवार ने उन्हें दिया था। अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि कुछ समय के लिए उन्होंने अपना नाम बदलकर मिर्जा शेख भी रखा था। हालांकि, अब वह उस फैसले को अपनी भूल मानती हैं।
उनके अनुसार, उस समय उन्हें लगा था कि नया नाम उनके व्यक्तित्व के अनुरूप अधिक उपयुक्त होगा, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि अपने परिवार द्वारा दिए गए नाम से बेहतर कोई पहचान नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपने मूल नाम पर गर्व है और यदि नाम बदलने के फैसले से किसी को भ्रम या असुविधा हुई हो, तो वह उसके लिए खेद व्यक्त करती हैं।
कैसे बनीं सबिया शेख से रानी चटर्जी?
रानी चटर्जी ने अपने लोकप्रिय स्क्रीन नेम के पीछे की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि यह नाम उनकी पहली भोजपुरी फिल्म के दौरान सामने आया था। अभिनेत्री के अनुसार, फिल्म की शूटिंग के दौरान एक मंदिर से जुड़ा दृश्य फिल्माया जा रहा था। उस समय वह एक धार्मिक अनुष्ठान से संबंधित दृश्य में अभिनय कर रही थीं। फिल्म निर्माताओं को आशंका थी कि यदि सेट पर मौजूद कुछ लोगों को उनके मुस्लिम होने की जानकारी होगी, तो अनावश्यक विवाद पैदा हो सकता है।
इसी वजह से फिल्म के निर्देशक ने उन्हें उनके किरदार के नाम “रानी” से परिचित कराया। बाद में “चटर्जी” उपनाम जोड़कर उन्हें नया स्क्रीन नेम दिया गया। यही नाम आगे चलकर उनकी पहचान बन गया और भोजपुरी फिल्म उद्योग में वह “रानी चटर्जी” के नाम से प्रसिद्ध हो गईं।

करियर की शुरुआत में लिया गया फैसला
रानी चटर्जी ने बताया कि जब उन्होंने अपनी पहली फिल्म में काम किया था, तब वह स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं। उस समय उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि उनका स्क्रीन नेम भविष्य में उनकी स्थायी पहचान बन जाएगा। उन्होंने सोचा था कि यह केवल फिल्मी दुनिया तक सीमित रहेगा, लेकिन फिल्म की सफलता के बाद दर्शकों ने उन्हें इसी नाम से पहचानना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि उनकी पेशेवर पहचान का हिस्सा बन गया।
रानी चटर्जी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी अपनी धार्मिक पृष्ठभूमि को छिपाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम परिवार से आती हैं और अपनी परंपराओं का सम्मान करती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति की विविधता उन्हें हमेशा आकर्षित करती रही है। यही कारण है कि वह विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों में भाग लेती हैं। अभिनेत्री के अनुसार, अलग-अलग परंपराओं का सम्मान करना भारतीय समाज की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है।
भोजपुरी इंडस्ट्री की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल
रानी चटर्जी पिछले कई वर्षों से भोजपुरी फिल्म उद्योग का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने अनेक सफल फिल्मों में काम किया है और उन्हें भोजपुरी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय तथा सफल अभिनेत्रियों में गिना जाता है। अपने अभिनय, फिटनेस और मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस के कारण उन्होंने दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई है। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है, जहां वह नियमित रूप से अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहती हैं।










