रणजी ट्रॉफी 2026-27 का आगाज 11 अक्टूबर से हो रहा है। देश के प्रमुख घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट में 38 टीमें हिस्सा लेंगी और 138 मैच खेले जाएंगे। मुंबई सबसे सफल टीम है, जबकि मौजूदा चैंपियन जम्मू-कश्मीर खिताब बचाने उतरेगा।
रणजी ट्रॉफी: भारत की घरेलू क्रिकेट व्यवस्था में रणजी ट्रॉफी का खास स्थान है। यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप में अपनी प्रतिभा साबित करने और भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने का अवसर देता है। 1934-35 में शुरू हुई इस चैंपियनशिप का 2026-27 सीजन 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इस बार 38 टीमें हिस्सा लेंगी और मुकाबले दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे।
1. रणजी ट्रॉफी की शुरुआत कैसे हुई?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 1934 में देश में एक प्रमुख प्रथम श्रेणी प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना बनाई थी। शुरुआत में इसका नाम ‘क्रिकेट चैंपियनशिप ऑफ इंडिया’ रखा गया। पहले सीजन में 15 टीमों ने हिस्सा लिया था। पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह ने टूर्नामेंट के लिए ट्रॉफी दान की थी।
पहला मुकाबला मद्रास और मैसूर के बीच चेपॉक में खेला गया था। शुरुआती सीजन में बॉम्बे की टीम चैंपियन बनी। बाद में प्रतियोगिता का नाम भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी रणजीत सिंह के नाम पर रखा गया। रणजीत सिंह ने 1896 से 1902 के बीच इंग्लैंड के लिए 15 टेस्ट मैच खेले थे। उस दौर में भारत की अपनी टेस्ट टीम नहीं थी।
2. क्या रणजी ट्रॉफी भारत का पहला क्रिकेट टूर्नामेंट था?
नहीं। रणजी ट्रॉफी से पहले भी भारत में संगठित क्रिकेट प्रतियोगिताएं होती थीं। 1892 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी के तहत यूरोपियन और पारसी टीमों के बीच मुकाबले खेले गए। बाद में यह प्रतियोगिता बॉम्बे ट्रायएंगुलर, बॉम्बे क्वाड्रैंगुलर और पेंटांगुलर जैसे प्रारूपों में विकसित हुई।
इन प्रतियोगिताओं में अलग-अलग समुदायों की टीमें हिस्सा लेती थीं। रणजी ट्रॉफी ने घरेलू क्रिकेट को अधिक व्यापक क्षेत्रीय आधार दिया, जहां राज्यों और क्रिकेट संघों की टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करने लगीं।
3. मुंबई सबसे सफल टीम, जम्मू-कश्मीर डिफेंडिंग चैंपियन
रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मुंबई का दबदबा सबसे ज्यादा रहा है। टीम ने 42 बार खिताब जीता है और लगातार 15 सीजन चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी उसके नाम है। कर्नाटक और दिल्ली जैसी टीमों ने भी कई बार ट्रॉफी अपने नाम की है।
हालांकि, पिछले सीजन में जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया। टीम ने 2025-26 के फाइनल में कर्नाटक को पहली पारी की बढ़त के आधार पर हराकर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता। इस सफलता के साथ जम्मू-कश्मीर ने दशकों के इंतजार को खत्म किया। अब टीम 2026-27 में अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी।
4. 2026-27 सीजन का फॉर्मेट क्या है?
इस सीजन में कुल 38 टीमें खेलेंगी। इनमें 32 टीमें एलीट डिवीजन और छह टीमें प्लेट डिवीजन में होंगी।
- - एलीट डिवीजन: आठ-आठ टीमों के चार ग्रुप बनाए गए हैं। प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की अन्य सात टीमों से लीग मुकाबले खेलेगी।
- - प्लेट डिवीजन: छह टीमें एक ग्रुप में खेलेंगी। प्रत्येक टीम पांच लीग मैच खेलेगी।
- - नॉकआउट: एलीट डिवीजन में क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल होंगे। प्लेट डिवीजन का अपना फाइनल होगा।
सीजन का पहला चरण अक्टूबर और नवंबर में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट खेले जाएंगे। रणजी ट्रॉफी का दूसरा चरण जनवरी 2027 में शुरू होगा।

5. रणजी ट्रॉफी के मैच कितने दिन के होते हैं?
रणजी ट्रॉफी प्रथम श्रेणी क्रिकेट का टूर्नामेंट है। इसके लीग मुकाबले सामान्यतः चार दिन के होते हैं, जबकि नॉकआउट मुकाबले पांच दिन तक खेले जा सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट की तरह इसमें दोनों टीमों को दो-दो पारियां खेलने का अवसर मिलता है।
यदि निर्धारित समय में मैच का परिणाम नहीं निकलता, तो नॉकआउट मुकाबलों में पहली पारी की बढ़त खिताब का फैसला कर सकती है। पिछले सीजन के फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने इसी नियम के आधार पर कर्नाटक को पछाड़ा था।
6. रणजी ट्रॉफी में खिलाड़ियों को कितनी फीस मिलती है?
रणजी ट्रॉफी में खिलाड़ियों की मैच फीस उनके प्रथम श्रेणी मैचों के अनुभव और टीम में उनकी भूमिका के आधार पर तय होती है। नियमित प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों और रिजर्व खिलाड़ियों की फीस अलग हो सकती है।
इसलिए किसी खिलाड़ी की कुल कमाई केवल मैचों की संख्या से तय नहीं होती। उसे मिलने वाली राशि उसके अनुभव, चयन और टूर्नामेंट में भागीदारी पर निर्भर करती है। खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने पर आगे राष्ट्रीय टीम में अवसर मिलने की संभावना भी रहती है।
7. क्या रणजी ट्रॉफी के मैच देखने के लिए टिकट जरूरी है?
हर रणजी ट्रॉफी मैच के लिए टिकट खरीदना जरूरी नहीं होता। कई घरेलू मुकाबलों में दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जाता है। हालांकि, प्रवेश की व्यवस्था संबंधित राज्य क्रिकेट संघ, स्टेडियम और मैच की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। मैच देखने जाने से पहले स्थानीय क्रिकेट संघ की आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर है।
8. क्या रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन से टीम इंडिया में जगह मिलती है?
हां। रणजी ट्रॉफी भारतीय टेस्ट टीम के लिए खिलाड़ियों को परखने का महत्वपूर्ण मंच है। चयनकर्ता बल्लेबाजों की तकनीक, गेंदबाजों की निरंतरता और लंबे समय तक दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता पर नजर रखते हैं।
सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। इसी तरह, तनुष कोटियान ने 2023-24 रणजी सीजन में 502 रन बनाने और 29 विकेट लेने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। घरेलू क्रिकेट का अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ियों की दावेदारी मजबूत कर सकता है, हालांकि अंतिम चयन कई कारकों पर निर्भर करता है।
9. 2026-27 सीजन में किन खिलाड़ियों पर नजर रहेगी?
इस बार कई जाने-पहचाने भारतीय खिलाड़ी घरेलू लाल गेंद क्रिकेट में दिखाई दे सकते हैं। यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, सरफराज खान और रवींद्र जडेजा जैसे नाम चर्चा में हैं। मुंबई के लिए जायसवाल और सरफराज की बल्लेबाजी आकर्षण का केंद्र हो सकती है। कर्नाटक की ओर से राहुल के प्रदर्शन पर नजर रहेगी, जबकि शमी और सिराज जैसे तेज गेंदबाज अपनी फिटनेस और लय साबित करने का प्रयास कर सकते हैं। जडेजा का अनुभव भी उनकी टीम के लिए उपयोगी होगा। हालांकि, इन खिलाड़ियों की भागीदारी उनके चयन, उपलब्धता और टीम की योजना पर निर्भर करेगी।
10. रणजी ट्रॉफी क्यों है खास?
रणजी ट्रॉफी केवल एक घरेलू चैंपियनशिप नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण प्रतियोगिता है। यहां खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप में अपनी तकनीक, धैर्य और फिटनेस साबित करनी होती है। युवा क्रिकेटरों के लिए यह अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने और बड़े मंच पर पहचान बनाने का अवसर है।
मुंबई की रिकॉर्ड उपलब्धियां, जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जीत और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की खिलाड़ियों की उम्मीदें इस सीजन को खास बनाती हैं। अब देखना होगा कि 2026-27 में कौन-सी टीम चैंपियन बनती है और कौन-से खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट में नई पहचान बनाते हैं।











