राजस्थान की रोहिणी गुर्जर ने पति और 10 साल की बेटी को खोने के बाद भी RAS की तैयारी जारी रखी। मेन्स से पहले हादसे में आंख पर गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने परीक्षा पास कर अधिकारी बनने का सफर पूरा किया।
RAS Success Story: राजस्थान की रोहिणी गुर्जर की सफलता की कहानी संघर्ष और दृढ़ संकल्प से जुड़ी है। पति की मौत, बेटी को खोने और परीक्षा से ठीक पहले हुए हादसे जैसी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने RAS की तैयारी नहीं छोड़ी। एक आंख पर पट्टी बांधकर मेन्स परीक्षा देने वाली रोहिणी ने आगे इंटरव्यू भी पास किया और RAS 2023 भर्ती में अधिकारी बनीं।
साधारण परिवार से शुरू हुआ अधिकारी बनने का सफर
रोहिणी गुर्जर राजस्थान के घुघरा गांव के एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता सेना में थे और शिक्षा को काफी महत्व देते थे। इसी वजह से उन्होंने बेटी की पढ़ाई को हमेशा प्रोत्साहित किया। रोहिणी ने साल 2006 में बैचलर डिग्री पूरी की। वह अपने गांव की पहली लड़कियों में थीं, जिन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की।

ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़कर एक निजी स्कूल में अध्यापन शुरू कर दिया। इसके बाद साल 2011 में उनकी शादी हुई और वह अजमेर के नारेली गांव में रहने लगीं। शादी के बाद उन्होंने दोबारा पढ़ाई और सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की। उनके पति भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे और दोनों ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा यानी RAS परीक्षा पास करने का लक्ष्य बनाया।
पति की मौत के बाद भी नहीं छोड़ी तैयारी
साल 2021 में रोहिणी की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। 18 फरवरी 2021 को करीब दो महीने तक चले इलाज के बाद हार्ट अटैक के चलते उनके पति का निधन हो गया। इस घटना के बाद परिवार की जिम्मेदारियां भी उनके ऊपर आ गईं।
इस मुश्किल दौर से वह संभल ही रही थीं कि उनकी दादी का भी निधन हो गया। दादी उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही थीं। एक के बाद एक हुए इन दुखों के बावजूद रोहिणी ने अपनी तैयारी जारी रखने का फैसला किया। मायके और ससुराल, दोनों परिवारों से उन्हें आगे बढ़ने के लिए सहयोग मिला।
RAS मेन्स से 8 दिन पहले बेटी को खोया
पति की मौत के बाद रोहिणी ने अपनी बेटियों की परवरिश और RAS परीक्षा की तैयारी दोनों को साथ लेकर चलना जारी रखा। उन्होंने RPSC RAS 2023 का प्रारंभिक परीक्षा चरण भी पास कर लिया था। अब उनके सामने मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की चुनौती थी।
लेकिन मेन्स परीक्षा से केवल 8 दिन पहले उनकी 10 साल की बेटी का निधन हो गया। बेटी पहले से बीमार चल रही थी। इस घटना ने रोहिणी को गहरे सदमे में डाल दिया और उन्होंने परीक्षा देने का विचार तक छोड़ दिया था।
परिवार के सदस्यों, खासकर दादी सास और ननद ने उन्हें परीक्षा देने के लिए समझाया। इसके बाद उन्होंने खुद को संभाला और परीक्षा में शामिल होने का फैसला किया।
हादसे के बावजूद एक आंख पर पट्टी बांधकर दी परीक्षा
मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। RAS मेन्स परीक्षा से सिर्फ दो दिन पहले जयपुर में उनका एक्सीडेंट हो गया। हादसे में उनकी आंख में गंभीर चोट आई और डॉक्टरों को उनकी आंख पर पट्टी बांधनी पड़ी।
इसके बावजूद रोहिणी परीक्षा केंद्र पहुंचीं। एक आंख से देखने की स्थिति में उन्होंने RAS मेन्स के पेपर लिखे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मुख्य परीक्षा पास की और इसके बाद इंटरव्यू में भी सफलता हासिल की।
RAS 2023 भर्ती में बनीं अधिकारी
मेन्स और इंटरव्यू में सफलता के बाद रोहिणी गुर्जर RAS 2023 भर्ती में अधिकारी बनीं। वह वर्तमान में राजस्थान अकाउंट्स सर्विस में सेवा दे रही हैं।
रोहिणी की कहानी सिर्फ प्रतियोगी परीक्षा में सफलता तक सीमित नहीं है। इसमें व्यक्तिगत नुकसान, पारिवारिक जिम्मेदारियों और लगातार सामने आई मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपने लक्ष्य पर टिके रहने की कहानी भी शामिल है। उनके सफर से यह बात सामने आती है कि कठिन परिस्थितियों के बीच भी लगातार प्रयास और परिवार का सहयोग किसी लक्ष्य तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।













