रिलायंस जियो 2026 में IPO ला सकती है। कंपनी अपनी 2.5% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4 अरब डॉलर जुटाएगी। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। निवेशक इसके लिए अग्रिम तैयारी कर सकते हैं।
Reliance Jio IPO: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स इस साल अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपनी 2.5% हिस्सेदारी सार्वजनिक रूप से बाजार में उतारेगी। इस IPO से 4 अरब डॉलर से अधिक जुटाने की संभावना है, जिससे यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी जियो की पैरेंट कंपनी है। जियो के पास लगभग 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। देश में इसे सबसे ज्यादा इंतजार किए जाने वाले IPO में से एक माना जा रहा है।
Reliance Jio की वैल्यूएशन और IPO की संभावना
नवंबर 2025 में निवेश बैंक जेफरीज (Jefferies) ने अनुमान लगाया था कि रिलायंस जियो का वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर है। इस वैल्यूएशन पर केवल 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने से लगभग 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। यह आंकड़ा 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के IPO से कहीं अधिक है।
पिछले छह वर्षों में जियो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत कई नए सेक्टर में विस्तार किया है। कंपनी ने केकेआर (KKR), जनरल अटलांटिक (General Atlantic), सिल्वर लेक (Silver Lake) और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (Abu Dhabi Investment Authority) जैसे प्रमुख वैश्विक निवेशकों से भी फंड जुटाया है।
केवल 2.5% शेयर लिस्ट करने की रणनीति
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी केवल 2.5 फीसदी हिस्सेदारी को ही लिस्ट करने की योजना बना रही है। यह रणनीति ऐसे समय में अपनाई जा रही है जब बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने बड़े IPO लाने वाली कंपनियों के लिए न्यूनतम शेयर बिक्री सीमा 5% से घटाकर 2.5% करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव को फिलहाल वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है।
इस कदम का उद्देश्य यह है कि कम हिस्सेदारी बेचने से शेयर की कीमत पर प्रतिस्पर्धा और प्राइसिंग टेंशन बढ़ सकती है, जिससे निवेशकों के लिए आकर्षक प्राइसिंग बनती है। एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया, “अगर नियम में बदलाव होता है तो 2.5 फीसदी की लिस्टिंग प्राथमिकता बन जाती है, क्योंकि कम हिस्सेदारी बेचने से शेयर की कीमत पर कंट्रोल बेहतर होता है।”
IPO से जुड़े निवेशक
कुछ निवेश बैंकर इस समय रिलायंस जियो की वैल्यूएशन को 200 से 240 अरब डॉलर के बीच आंक रहे हैं। हालांकि कंपनी ने अभी तक कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं किया है। निवेशकों के लिए यह IPO इसलिए खास है क्योंकि जियो की मार्केट पोजिशन और यूजर बेस बहुत मजबूत है, जिससे कंपनी की लॉन्ग टर्म ग्रोथ संभावनाएं उच्च मानी जाती हैं।
IPO का भारत के शेयर बाजार पर प्रभाव
जियो का यह IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी महत्वता रखता है। यह न केवल भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है बल्कि इससे विदेशी निवेशकों का भी ध्यान भारतीय बाजार की ओर बढ़ेगा। 4 अरब डॉलर से अधिक जुटाने वाला यह IPO देश में निवेश के नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है।
क्यों है निवेशकों के लिए आकर्षक
जियो की मजबूत ग्राहक संख्या, लगातार बढ़ती नेटवर्क क्षमता, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और AI जैसे नए सेक्टर में निवेश इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं। IPO के माध्यम से केवल 2.5% हिस्सेदारी बेचने से शेयर की कीमत पर दबाव कम रहेगा और प्राइसिंग संतुलित रहेगी।
IPO की समयसीमा
हालांकि अभी रिलायंस जियो ने IPO की फाइनल तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन यह उम्मीद है कि इसे इस साल ही लॉन्च किया जाएगा। निवेशक इस IPO के लिए अग्रिम तैयारी कर सकते हैं। निवेश के लिए डीमाट अकाउंट, ब्रोकरेज फर्म या ऑनलाइन IPO प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन करना आसान होगा।









