ऋषभ पंत अगले आईपीएल सीजन में अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते नजर आ सकते हैं। लखनऊ सुपरजायंट्स ने उन्हें दिल्ली कैपिटल्स के साथ कुलदीप यादव के बदले ट्रेड किया है।
Rishabh Pant Captaincy: भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अगले IPL सीजन में अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते नजर आएंगे। लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए ट्रेड के बाद पंत की फ्रेंचाइजी बदल गई है। उनके दिल्ली लौटने के साथ ही यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या उन्हें एक बार फिर टीम की कप्तानी सौंपी जाएगी। हालांकि, भारत के पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर की राय इससे अलग है।
जाफर का मानना है कि पंत को दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी स्वीकार करने के बजाय अपनी बल्लेबाजी और व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि मौजूदा समय में पंत के लिए टीम के कप्तान की भूमिका से ज्यादा जरूरी एक प्रभावी बल्लेबाज के तौर पर वापसी करना है।
दिल्ली में लौटे ऋषभ पंत
ऋषभ पंत ने अपने IPL करियर की शुरुआत दिल्ली की फ्रेंचाइजी से की थी। लंबे समय तक दिल्ली के लिए खेलने के बाद वह 2025 के मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बने। LSG ने उन्हें 27 करोड़ रुपये की बड़ी कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया था। लखनऊ में पंत को कप्तानी की जिम्मेदारी भी मिली, लेकिन टीम उनके नेतृत्व में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी। अब दो सीजन लखनऊ के साथ बिताने के बाद पंत दोबारा दिल्ली कैपिटल्स में लौट चुके हैं।
उनकी वापसी के साथ सबसे बड़ा सवाल कप्तानी को लेकर है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली की फ्रेंचाइजी अगले सीजन के लिए कप्तान के रूप में किस खिलाड़ी को चुनेगी।
वसीम जाफर ने क्यों दी कप्तानी से दूर रहने की सलाह?

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि अगर दिल्ली कैपिटल्स पंत को कप्तानी की पेशकश करती है, तो उन्हें इसे स्वीकार नहीं करना चाहिए। जाफर ने अपने YouTube चैनल पर पंत के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके लिए फिलहाल खिलाड़ी के रूप में अच्छा प्रदर्शन करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। पूर्व क्रिकेटर के मुताबिक, पंत के प्रदर्शन में हाल के समय में गिरावट देखने को मिली है और ऐसे में उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
जाफर की सलाह का मुख्य आधार यह है कि कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी पंत के प्रदर्शन पर दबाव बढ़ा सकती है। एक बल्लेबाज के तौर पर अगर वह अपनी पुरानी लय हासिल करते हैं, तो इसका फायदा न केवल दिल्ली कैपिटल्स बल्कि भारतीय टीम को भी मिल सकता है।
भारत की टीम में वापसी पर होना चाहिए फोकस
जाफर के मुताबिक, पंत की प्राथमिकता IPL में अच्छा प्रदर्शन करने के साथ भारतीय वनडे और टी20 टीम में अपनी जगह मजबूत करना होनी चाहिए। उनका मानना है कि मौजूदा समय में पंत भारतीय टीम के उस नेतृत्व समूह का हिस्सा नहीं हैं, जिसमें भविष्य के कप्तान तैयार किए जा रहे हैं। इसलिए उन्हें कप्तानी के बजाय बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ध्यान देना चाहिए। पंत अगर दिल्ली के लिए लगातार मैच जिताऊ पारियां खेलते हैं, तो इससे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को भी मजबूती मिल सकती है।
जाफर ने पंत को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें कप्तानी के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय फ्रेंचाइजी के लिए मैच जीतने वाले खिलाड़ी बनने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, पंत को खुद को एक प्रमुख बल्लेबाज के तौर पर स्थापित करने की दिशा में काम करना चाहिए। पंत की आक्रामक बल्लेबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। ऐसे में दिल्ली के लिए भी उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल करना कप्तानी से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।












