रूस के जेट ड्रोन से कीव की एयर डिफेंस परेशान, तेज रफ्तार हमलों ने बढ़ाई यूक्रेन की चिंता

रूस के तेज जेट ड्रोन ने यूक्रेन की राजधानी कीव की एयर डिफेंस के सामने नई चुनौती खड़ी की है। यूक्रेन तेज इंटरसेप्टर, AI और नए प्रोपल्शन सिस्टम विकसित कर रहा है।

रूस के जेट इंजन वाले ड्रोन यूक्रेन की राजधानी की एयर डिफेंस के लिए नई चुनौती बन गए हैं। तेज गति और अधिक ऊंचाई के कारण इन्हें रोकना मुश्किल है। यूक्रेनी कंपनियां नए इंटरसेप्टर, AI और प्रोपल्शन तकनीक विकसित कर रही हैं।

कीव: रूस के जेट इंजन वाले नए ड्रोन यूक्रेन की राजधानी की वायु रक्षा के लिए नई चुनौती बन गए हैं। इन ड्रोन की रफ्तार पारंपरिक प्रोपेलर वाले ड्रोन की तुलना में काफी अधिक है, जिससे यूक्रेनी एयर डिफेंस यूनिट्स को उन्हें पहचानने और रोकने के लिए बेहद कम समय मिलता है। हाल के हफ्तों में ऐसे हमलों की तीव्रता बढ़ने के बीच यूक्रेनी रक्षा कंपनियां तेज इंटरसेप्टर, नए प्रोपल्शन सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मार्गदर्शन तकनीक विकसित करने में जुटी हैं।

कीव में लगातार हो रहे ड्रोन हमले

रूस ने हाल के हफ्तों में यूक्रेन के खिलाफ ड्रोन हमलों का इस्तेमाल बढ़ाया है। इन हमलों में ऊर्जा ढांचे, औद्योगिक इकाइयों, रेलवे नेटवर्क, डाक केंद्रों, शॉपिंग सेंटर, दूरसंचार नेटवर्क, पेट्रोल स्टेशनों और अनाज निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।

इन हमलों का असर यूक्रेन की राजधानी की सामान्य जिंदगी पर भी दिखाई दे रहा है। कीव में रात-दिन विस्फोटों की आवाज सुनाई देती है और नागरिकों को हमलों से बचने के लिए बार-बार सुरक्षित स्थानों की तलाश करनी पड़ती है।

राजधानी, जो लंबे समय तक युद्ध के अग्रिम मोर्चे से अपेक्षाकृत दूर मानी जाती थी, अब लगातार हवाई हमलों के कारण युद्ध के दबाव को ज्यादा सीधे महसूस कर रही है।

जेट इंजन वाले ड्रोन क्यों हैं ज्यादा चुनौतीपूर्ण?

रूस के नए ड्रोन ईरान में डिजाइन किए गए शहीद ड्रोन के आधार पर विकसित किए गए बताए जा रहे हैं। लेकिन नए जेट-प्रोपेल्ड संस्करण ज्यादा ऊंचाई और ज्यादा गति से उड़ सकते हैं।

यूक्रेनी एयर डिफेंस यूनिट के कमांडर वोलोदिमिर सेरदियुक ने बताया कि इन ड्रोन की तेज गति के कारण उन्हें सही तरीके से लॉक करना मुश्किल हो जाता है।

उनके अनुसार, यह स्थिति ऐसे लक्ष्य का पीछा करने जैसी है जिसे पकड़ना बेहद कठिन हो। एयर डिफेंस कर्मियों को कुछ ही क्षणों में फैसला लेना पड़ता है कि आने वाले ड्रोन को किस तरीके से रोका जाए।

एयर डिफेंस यूनिट की रात की ड्यूटी

सेरदियुक की एयर डिफेंस टीम रात करीब 8 बजे अपनी ड्यूटी शुरू करती है। कमांडर एक टैबलेट पर केंद्रीय रडार सिस्टम से जुड़े डेटा के जरिए अपने सेक्टर के आसमान पर नजर रखते हैं।

स्क्रीन पर उनकी यूनिट द्वारा सुरक्षित किए जा रहे हवाई क्षेत्र का एक निश्चित हिस्सा दिखाई देता है। जैसे ही कोई संदिग्ध लक्ष्य रडार पर सामने आता है, टीम को उसकी दिशा और गति का आकलन करना पड़ता है।

एक रात स्क्रीन पर तेजी से आगे बढ़ता लाल निशान दिखाई दिया। यह जेट इंजन वाला शहीद ड्रोन था। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा था कि यूनिट की क्षमता के बाहर निकल गया।

कुछ ही क्षण बाद आसमान में चमक दिखाई दी और फिर कई किलोमीटर दूर विस्फोट की आवाज सुनाई दी।

मशीनगनें भी नहीं पकड़ पा रहीं तेज ड्रोन

यूक्रेनी एयर डिफेंस यूनिट्स के पास भारी मशीनगनों समेत कई तरह के हथियार हैं, लेकिन जेट ड्रोन की ऊंचाई और गति उन्हें मुश्किल लक्ष्य बना देती है।

यूनिट के साथ स्वयंसेवक के तौर पर काम कर रहे पूर्व अमेरिकी मरीन सीन अल्मेडा ने कहा कि समस्या यह है कि ये ड्रोन बहुत ऊंचाई पर उड़ते हैं। ऐसे में जमीन से उन पर सटीक निशाना लगाना आसान नहीं है।

यूक्रेन की मौजूदा एयर डिफेंस रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और AI का भी इस्तेमाल होता है। इन तकनीकों के जरिए आने वाले रूसी ड्रोन को आसमान के कुछ निर्धारित गलियारों की ओर मोड़ने की कोशिश की जाती है, ताकि इंटरसेप्टर मिसाइल या ड्रोन उन्हें रोक सकें। लेकिन तेज जेट ड्रोन इस रणनीति की सीमाओं को उजागर कर रहे हैं।

यूक्रेन बना रहा है नए इंटरसेप्टर

नए रूसी ड्रोन से निपटने के लिए यूक्रेनी रक्षा कंपनियां अब तेज इंटरसेप्टर तैयार कर रही हैं। इन इंटरसेप्टर में तेज गति के लिए नए प्रोपल्शन सिस्टम और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए स्वायत्त मार्गदर्शन तकनीक विकसित की जा रही है।

यूक्रेन के मौजूदा तेज इंटरसेप्टर आमतौर पर करीब 300 से 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचते हैं। रक्षा निर्माताओं के मुताबिक, यह गति रूस के नए जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन को पकड़ने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।

इसी वजह से नए इंटरसेप्टर में ऐसी तकनीक पर काम किया जा रहा है, जिससे वे अधिक गति से उड़ सकें और लगातार बढ़ते तापमान को नियंत्रित कर सकें।

इंटरसेप्टर बनाने में सबसे बड़ी चुनौती उत्पादन

यूक्रेनी रक्षा कंपनियों के सामने केवल तकनीक विकसित करने की चुनौती नहीं है। बड़े पैमाने पर इंटरसेप्टर का उत्पादन करना भी एक बड़ी समस्या है।

विरियी ड्रोन के CEO ओलेक्सी बाबेंको के अनुसार, यूक्रेन को तेज जेट ड्रोन के आने की चेतावनी पहले मिल चुकी थी, लेकिन जब नए संस्करण सामने आए तो उनके पास तत्काल पर्याप्त समाधान तैयार नहीं था।

अब कंपनियां तेज इंटरसेप्टर, नए इंजन और स्वायत्त मार्गदर्शन प्रणाली पर काम कर रही हैं। लेकिन डिजाइन तैयार करने, परीक्षण करने, जरूरी उपकरण जुटाने और ऑपरेटरों को प्रशिक्षण देने में समय लग रहा है।

छोटे टर्बोजेट इंजन की कमी

नई इंटरसेप्टर तकनीक के लिए छोटे टर्बोजेट इंजन एक महत्वपूर्ण बाधा बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इनके कई हिस्सों की आपूर्ति यूरोपीय निर्माताओं से होती है, लेकिन उनकी उत्पादन क्षमता यूक्रेन की संभावित जरूरतों की तुलना में कम है।

बाबेंको का अनुमान है कि नए इंटरसेप्टर को बड़े पैमाने पर तैयार करने और मौजूदा अंतर को कम करने में तीन से चार महीने लग सकते हैं। वहीं सैन्य विश्लेषक तारास चुमुत ने इसके लिए छह महीने या उससे अधिक समय लगने की संभावना जताई है।

बाबेंको के मुताबिक, फिलहाल यह गति की दौड़ है, जिसमें यूक्रेन को तेज इंटरसेप्टर और नए समाधान तैयार करने होंगे।

F-16 भी तेज ड्रोन के खिलाफ इस्तेमाल

यूक्रेन के पास कुछ F-16 लड़ाकू विमान भी हैं, जिन्हें सबसे तेज ड्रोन को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। रडार पर जब ऐसे विमान सक्रिय दिखाई देते हैं तो एयर डिफेंस यूनिट्स को अतिरिक्त क्षमता मिलती है।

हालांकि, F-16 विमानों के रखरखाव की जरूरत अधिक होती है और रिपोर्ट के अनुसार कई विमान मरम्मत की प्रतीक्षा में फिलहाल सेवा से बाहर हैं।

इस वजह से यूक्रेन को केवल लड़ाकू विमानों पर निर्भर रहने के बजाय जमीन आधारित और ड्रोन-आधारित इंटरसेप्टर क्षमता विकसित करने पर भी जोर देना पड़ रहा है।

हमलों का असर आम नागरिकों पर

रूस के लगातार ड्रोन हमलों का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। कीव के आसपास के इलाकों में हमलों के बाद घायल और मृतकों की खबरें सामने आती रहती हैं।

एक हमले के दौरान कीव के फास्टिव इलाके में एक महिला और उसके बच्चे की मौत की जानकारी सामने आई। हालांकि, एक विशेष विस्फोट किस हथियार के कारण हुआ, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आए और इसकी स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट नहीं थी।

युद्ध के बीच नागरिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लगातार बनी अनिश्चितता है। सायरन, विस्फोट और आसमान में तेज गति से उड़ते ड्रोन राजधानी के सामान्य जीवन को प्रभावित कर रहे हैं।

फूलों की दुकान के बाहर धमाके की चपेट में आई महिला

31 वर्षीय दरिया कुचिन्स्का शुक्रवार को कीव में अपनी फूलों की दुकान के बाहर सड़क पर निकली थीं, तभी जेट ड्रोन से जुड़े एक विस्फोट ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया।

धमाके के बाद सड़क पर धूल और धुआं फैल गया। उनके पास एक महिला बेहोश पड़ी थी। कुचिन्स्का ने उसकी नब्ज जांचने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

उन्होंने कहा कि उनके आसपास लगातार लोग मर रहे हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि लोग कैसे बच रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में जिंदा बचना कई बार केवल किस्मत जैसा लगता है।

यूक्रेन के सामने समय के खिलाफ दौड़

रूस के जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन ने यूक्रेन की एयर डिफेंस रणनीति के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब केवल मौजूदा हथियारों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं माना जा रहा, बल्कि ज्यादा तेज और तकनीकी रूप से सक्षम इंटरसेप्टर विकसित करना जरूरी हो गया है।

यूक्रेनी रक्षा उद्योग इसके लिए नए इंजन, AI आधारित मार्गदर्शन और स्वायत्त सिस्टम पर काम कर रहा है। लेकिन उत्पादन क्षमता, उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षण जैसी चुनौतियां अभी बनी हुई हैं।

इस बीच कीव में एयर डिफेंस कर्मियों को हर रात नए हमलों का सामना करना पड़ रहा है। उनके लिए नई तकनीक का इंतजार केवल सैन्य तैयारी का सवाल नहीं, बल्कि राजधानी में नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

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