साध्वी प्रेम बाईसा की मौत फिलहाल रहस्य बनी हुई है। वायरल वीडियो विवाद, ब्लैकमेलिंग के आरोप और इलाज के दौरान इंजेक्शन जैसे पहलुओं की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
Rajasthan: पश्चिमी राजस्थान की जानी-मानी साध्वी प्रेम बाईसा का बुधवार, 28 जनवरी 2026 को जोधपुर में निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, आरती नगर स्थित उनके आश्रम में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उस समय उनके पिता और आश्रम के कुछ सेवादार मौजूद थे। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें तुरंत जोधपुर के प्रेक्षा हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को वापस आश्रम ले जाया गया।
हालांकि, जब अस्पताल प्रबंधन को मौत संदिग्ध लगी तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। तभी से साध्वी की मौत को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा
साध्वी प्रेम बाईसा का जन्म बाड़मेर जिले के परेऊ गांव में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था। वे महंत वीरमनाथ की शिष्या थीं और उन्होंने अपना जीवन भक्ति, समाज सुधार और जनसेवा को समर्पित कर दिया था।
वे एक प्रसिद्ध कथा वाचिका और भजन गायिका थीं। उनके भजन और प्रवचन सुनने के लिए राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु आते थे।
साध्वी प्रेम बाईसा नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और पारिवारिक मूल्यों को लेकर भी लगातार लोगों को जागरूक करती थीं। कम उम्र में ही उन्होंने बड़ी पहचान बना ली थी, जिससे उनके अनुयायियों की संख्या तेजी से बढ़ी।
ब्लैकमेलिंग का विवाद

साध्वी प्रेम बाईसा उस समय विवादों में आई थीं, जब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में वे एक व्यक्ति को गले लगाती नजर आई थीं, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसके बाद साध्वी ने खुद एक वीडियो जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने बताया था कि वीडियो में नजर आने वाला व्यक्ति उनके पिता थे, जिन्होंने उनकी मां की मृत्यु के बाद उन्हें पाला और वही उनके गुरु भी रहे। भावुक होकर उन्होंने उन्हें गले लगाया था।
साध्वी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने वीडियो को गलत तरीके से एडिट कर वायरल किया और फिर उसे हटाने के बदले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई। इस मामले में उन्होंने पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद के बाद वे मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं।
जांच के घेरे में मौत
सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो विवाद के बाद साध्वी की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। उन्हें कई दिनों से बुखार बताया जा रहा है। बुधवार को हालत ज्यादा खराब होने पर एक डॉक्टर को आश्रम बुलाया गया, जिसने उन्हें इंजेक्शन लगाया। लेकिन इंजेक्शन के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई। घबराकर आश्रम के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने मौत को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इंजेक्शन क्या था, किस डॉक्टर ने लगाया और क्या इलाज में कोई लापरवाही हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया गया है। पुलिस आश्रम के सेवादारों, साध्वी के करीबी लोगों और अस्पताल के डॉक्टरों के बयान दर्ज कर रही है।
पोस्टमार्टम का इंतजार
साध्वी प्रेम बाईसा के निधन पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शोक जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान पुलिस को टैग करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
वहीं, साध्वी के समर्थकों की भीड़ आश्रम और अस्पताल के बाहर जुट रही है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।











