बिहार के समस्तीपुर जिले में युवक-युवती से सरेराह बदसलूकी का एक और वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। वायरल वीडियो में सड़क पर एक युवक और युवती को कई लोगों की भीड़ से घिरा हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में युवती लोगों से उसे छोड़ देने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है। वहीं उसके साथ मौजूद युवक के साथ मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप है। वीडियो में भीड़ की ओर से दोनों की शादी कराने और उनके गार्जियन को बुलाने जैसी बातें किए जाने का दावा किया जा रहा है। घटना को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो समस्तीपुर के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटबसेपुरा पंचायत से जुड़ा है। वीडियो में सड़क पर स्कूटी से जा रहे युवक-युवती के आसपास कई लोग जमा दिखाई दे रहे हैं। भीड़ के बीच दोनों को रोककर पूछताछ करने और उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने का दृश्य दिखाई देता है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि भीड़ की संख्या करीब 8 लोगों की थी, जबकि वीडियो और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर पुलिस अभी पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान और भूमिका की जांच कर रही है।
वायरल वीडियो में युवती काफी परेशान दिखाई देती है। वह हाथ जोड़कर वहां मौजूद लोगों से उसे छोड़ देने की अपील करती नजर आती है। उसके साथ मौजूद युवक को भीड़ घेरे हुए दिखाई देती है। वीडियो में कथित तौर पर युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखती है। युवती की ओर से बार-बार वहां से जाने देने की गुहार लगाए जाने के बावजूद भीड़ के कुछ लोग उससे सवाल करते और उसे रोकते नजर आते हैं। घटना के वीडियो ने सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचा है।
वायरल वीडियो में कुछ लोगों की ओर से युवक-युवती के रिश्ते और उनके परिवार को लेकर भी सवाल किए जाते दिखाई देते हैं। इसी दौरान दोनों की शादी कराने की बात कहे जाने का दावा भी सामने आया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि भीड़ युवक-युवती से उनके परिवार या गार्जियन को बुलाने की बात कह रही थी। हालांकि, वीडियो के आधार पर पूरे संवाद और घटना की परिस्थितियों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन अभी नहीं हुआ है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था और वहां मौजूद लोगों का उद्देश्य क्या था।
इस घटना की खास बात यह है कि समस्तीपुर में एक ही समय के आसपास युवक-युवती से बदसलूकी से जुड़े अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं। इससे पुलिस के सामने यह चुनौती भी है कि वायरल हो रहे वीडियो में दिख रही घटनाओं की सही पहचान की जाए। कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव में भी एक युवती से कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। उस मामले में युवती सड़क किनारे एक युवक के साथ रुकी थी, तभी कुछ युवक वहां पहुंचे और उसे घेरने का आरोप है।
जगतसिंहपुर वाले मामले में पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपितों की पहचान शुरू की थी। समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे कुछ युवकों की पहचान की गई और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की जांच के निर्देश दिए थे। इससे यह भी स्पष्ट है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो को सामने आते ही अंतिम सत्य मानने के बजाय पुलिस उसकी पुष्टि और संबंधित लोगों की पहचान की प्रक्रिया अपना रही है।
मुसरीघरारी थाना क्षेत्र से सामने आए दूसरे वीडियो में स्कूटी सवार युवक-युवती को सड़क पर घेरकर कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो लाटबसेपुरा पंचायत का बताया जा रहा है, लेकिन घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई थी। पुलिस जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि वीडियो कब का है, इसमें दिखाई दे रहे युवक-युवती कौन हैं और उन्हें किस वजह से रोका गया था।
दूसरी ओर, 24 सितंबर को सामने आई एक अन्य रिपोर्ट में समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम इलाके से जुड़ी घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी गई। आजतक के अनुसार, यह घटना 15 सितंबर की बताई गई और वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी। इस मामले में सदर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने कार्रवाई की पुष्टि की।
ऐसे मामलों में वायरल वीडियो की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वीडियो के जरिए पुलिस को घटनास्थल, मौजूद लोगों और घटनाक्रम के बारे में सुराग मिल सकता है। हालांकि वीडियो का कोई हिस्सा काट-छांटकर या अलग संदर्भ में भी प्रसारित हो सकता है। इसलिए पुलिस के लिए मूल वीडियो, घटना का स्थान, समय, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। मुसरीघरारी मामले में भी जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस तरह की भीड़ द्वारा युवक-युवती को रोकने और उनके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। किसी विवाद या युवक-युवती को लेकर आपत्ति होने की स्थिति में भीड़ द्वारा खुद कार्रवाई करना कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई शिकायत है तो पुलिस को सूचना देकर जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई कराई जा सकती है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय स्तर पर भी संबंधित लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग उठी है।
समस्तीपुर में सामने आए इन वीडियो के बाद पुलिस के सामने एक और चुनौती सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रसार की भी है। वीडियो में मौजूद लोगों की पहचान और पीड़ितों की निजता का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर यदि किसी पीड़ित की पहचान सार्वजनिक हो सकती हो तो ऐसे वीडियो को बिना ब्लर किए आगे प्रसारित करना उसकी निजता और सुरक्षा के लिए समस्या पैदा कर सकता है। पुलिस ने पहले सामने आए समस्तीपुर मामले में भी वीडियो के आधार पर कार्रवाई शुरू की थी और संबंधित लोगों की पहचान की प्रक्रिया अपनाई थी।
फिलहाल मुसरीघरारी के लाटबसेपुरा से सामने आए वीडियो में दिखाई दे रहे युवक-युवती और वहां मौजूद लोगों की पूरी पहचान तथा घटना की पृष्ठभूमि को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण है। वायरल वीडियो में दिख रहे दृश्य गंभीर आरोपों की ओर संकेत करते हैं, लेकिन वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना किस परिस्थिति में हुई, कितने लोग इसमें शामिल थे, युवक के साथ मारपीट हुई या नहीं और युवती के साथ कथित बदसलूकी में किन लोगों की भूमिका रही।
समस्तीपुर में हाल के दिनों में सामने आए ऐसे वीडियो ने सार्वजनिक स्थानों पर युवक-युवतियों को रोककर भीड़ द्वारा पूछताछ या बदसलूकी किए जाने को लेकर चिंता बढ़ाई है। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर लोगों की पहचान, घटनास्थल की पुष्टि और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।










