Saudi Arabia और UAE के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी Abu Dhabi पहुंचे हैं। उन्होंने यूएई सेना प्रमुख से मुलाकात कर भारत-यूएई रक्षा सहयोग और सैन्य समन्वय पर चर्चा की।
World News: खाड़ी क्षेत्र में इन दिनों हालात तेजी से बदल रहे हैं। एक तरफ अमेरिका की वेनेजुएला को लेकर कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उबाल है, तो दूसरी ओर Saudi Arabia और UAE के बीच यमन को लेकर तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। इसी संवेदनशील माहौल के बीच भारतीय थल सेना प्रमुख (Chief of Army Staff) जनरल उपेंद्र द्विवेदी का अचानक संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन और भारत-यूएई सैन्य साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
Abu Dhabi में हुई अहम सैन्य बैठक
5 जनवरी को जनरल उपेंद्र द्विवेदी Abu Dhabi पहुंचे। यहां उन्होंने UAE थल सेना के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मायूद सैयद अल हलामी से मुलाकात की। दोनों सैन्य प्रमुखों के बीच हुई यह बैठक लंबी और व्यापक रही। बातचीत का केंद्र भारत और UAE के बीच सकारात्मक सैन्य सहयोग, training coordination और bilateral defence cooperation को और मजबूत करना रहा। भारतीय सेना के आधिकारिक X हैंडल से इस मुलाकात की जानकारी साझा की गई, जिसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारत-यूएई रक्षा सहयोग का विस्तार

इस मुलाकात में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भारत और UAE किस तरह अपने सैन्य रिश्तों को अगले स्तर पर ले जा सकते हैं। training में तालमेल, joint exercises, capability development और strategic understanding जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत defence partnership मौजूद है, लेकिन बदलते global security scenario में इसे और गहरा करने की जरूरत पर सहमति बनी। यह भी साफ संकेत मिला कि भारत खाड़ी क्षेत्र में UAE को एक भरोसेमंद strategic partner के रूप में देखता है।
Thal Sena Museum का दौरा
मेजर जनरल अल हलामी से मुलाकात के बाद जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने UAE Thal Sena Museum का भी दौरा किया। यहां उन्होंने UAE थल सेना के इतिहास, परंपराओं और सैन्य विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्हें बताया गया कि किस तरह UAE ने सीमित संसाधनों से अपनी सेना को आधुनिक और प्रभावी बनाया। यह दौरा दोनों सेनाओं के बीच mutual respect और understanding को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
Saudi Arabia–UAE तनाव की पृष्ठभूमि
जनरल द्विवेदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब Saudi Arabia और UAE के बीच यमन के मुद्दे को लेकर मतभेद बढ़ते दिख रहे हैं। यमन में चल रहे संघर्ष को लेकर दोनों देशों की रणनीति में अंतर सामने आया है। खाड़ी क्षेत्र की यह अस्थिरता भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लाखों भारतीय नागरिक यहां काम करते हैं और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी यह क्षेत्र अहम है। ऐसे में भारतीय सेना प्रमुख की UAE यात्रा को क्षेत्रीय घटनाक्रमों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
द्विपक्षीय रक्षा संवाद पर जोर
भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जनरल द्विवेदी और मेजर जनरल अल हलामी के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य bilateral defence cooperation को आगे बढ़ाने के व्यावहारिक रास्ते तलाशना था। इसमें intelligence sharing, training exchange और operational coordination जैसे पहलुओं पर भी विचार हुआ। यह संवाद इस बात का संकेत है कि भारत केवल diplomatic level पर ही नहीं, बल्कि military level पर भी UAE के साथ मजबूत तालमेल चाहता है।

National Defence College समेत अहम प्रतिष्ठानों का दौरा
अपने UAE दौरे के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी UAE National Defence College समेत कई प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। यहां वह वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों से बातचीत करेंगे और training infrastructure का जायजा लेंगे। माना जा रहा है कि इन दौरों से future cooperation के concrete roadmap पर काम आगे बढ़ेगा। भारतीय सेना और UAE सेना के बीच training modules और doctrine sharing को लेकर भी नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
2020 के बाद सहयोग को मिली नई रफ्तार
दिसंबर 2020 में तत्कालीन Army Chief जनरल एम एम नरवणे की UAE यात्रा के बाद भारत-यूएई सैन्य रिश्तों को नई गति मिली थी। वह भारतीय सेना प्रमुख की UAE की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जिसने defence cooperation को मजबूत आधार दिया। इसके बाद joint exercises और high-level exchanges में बढ़ोतरी देखने को मिली। जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मौजूदा यात्रा उसी सिलसिले को आगे बढ़ाने का एक अहम कदम मानी जा रही है।
हालिया यात्राओं से मजबूत होता भरोसा
जनरल द्विवेदी की UAE यात्रा कुछ सप्ताह पहले UAE के राष्ट्रपति गार्ड के कमांडर मेजर जनरल अली सैफ हुमैद अलकाबी की भारत यात्रा के बाद हो रही है। इन high-level visits से साफ है कि दोनों देश defence diplomacy को प्राथमिकता दे रहे हैं।










