देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India की फंड मैनेजमेंट कंपनी SBI Funds Management Limited के आईपीओ को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 2027 में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। यह जानकारी एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने सिटी इंडिया 2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
बिजनेस न्यूज़: देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI Funds Management Limited (SBIFML) 2027 में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। यह जानकारी SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु (सीएस) सेट्टी ने सिटी इंडिया 2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने संकेत दिया कि कंपनी का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) करीब ₹13,000 करोड़ का हो सकता है, जो भारत की एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री का अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है।
2027 में संभावित लिस्टिंग
एसबीआई चेयरमैन के अनुसार, SBI Funds Management की लिस्टिंग कैलेंडर वर्ष 2027 में होने की उम्मीद है। इसके लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास पहले ही ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किए जा चुके हैं। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में आने की संभावना है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
कितना बड़ा होगा IPO?

प्रस्तावित IPO के तहत लगभग 20.37 करोड़ शेयरों की बिक्री की योजना है, जो कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 10 प्रतिशत हो सकता है। संभावित संरचना के अनुसार, SBI लगभग 6.3% हिस्सेदारी बेचेगा। फ्रांसीसी साझेदार Amundi Asset Management लगभग 3.7% हिस्सेदारी बेच सकता है. इस डील के बाद कंपनी की वैल्यूएशन और बाजार में एसेट मैनेजमेंट सेक्टर की स्थिति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में SBI Funds Management में भारतीय स्टेट बैंक की हिस्सेदारी: 63%, Amundi Asset Management की हिस्सेदारी: 37% यह ज्वाइंट वेंचर भारत के म्यूचुअल फंड सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी माना जाता है और लगातार अपनी एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़ा रहा है।
SBI की तीसरी लिस्टेड सब्सिडियरी बनेगी कंपनी
अगर यह IPO सफलतापूर्वक लॉन्च होता है, तो SBI Funds Management, SBI की तीसरी लिस्टेड सब्सिडियरी कंपनी बन जाएगी। इसके पहले—
- SBI Cards and Payment Services
- SBI Life Insurance
पहले से ही स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं। कार्यक्रम में बोलते हुए SBI चेयरमैन सीएस सेट्टी ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों का जिक्र किया, लेकिन भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत की विकास यात्रा मजबूत बनी हुई है। निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय देश की संरचनात्मक ग्रोथ स्टोरी पर ध्यान देना चाहिए।











