PMRC Scheme 2026 के लिए आवेदन शुरू, AI और साइबर सिक्योरिटी समेत 13 क्षेत्रों में फेलोशिप

PMRC Scheme 2026 के तहत AI, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर समेत 13 क्षेत्रों में फेलोशिप के लिए आवेदन शुरू। इच्छुक उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने PMRC Scheme 2026 के तहत यंग रिसर्च फेलो, सीनियर फेलो और रिसर्च चेयर पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। AI, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी सहित 13 प्रमुख क्षेत्रों में रिसर्च का अवसर मिलेगा।

New Delhi: देश में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत भारतीय मूल के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और पेशेवरों को देश के प्रमुख संस्थानों में उन्नत अनुसंधान करने का अवसर मिलेगा। इच्छुक उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने की पहल

उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य देश में उच्च स्तरीय शोध, तकनीकी नवाचार और वैश्विक स्तर की रिसर्च क्षमताओं को मजबूत करना है। इस स्कीम के तहत भारतीय मूल के शोधकर्ता, वैज्ञानिक और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल पर शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

सरकार का मानना है कि यह योजना भारत को उभरती हुई तकनीकों और रणनीतिक क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और अनुभवी शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाने की तैयारी की गई है।

13 प्रमुख क्षेत्रों में मिलेगा रिसर्च का अवसर

PMRC Scheme 2026 के तहत 13 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, स्पेस और डिफेंस, एडवांस्ड मटेरियल्स, मैन्युफैक्चरिंग एंड इंडस्ट्री 4.0, कृषि एवं फूड टेक्नोलॉजी, ब्लू इकोनॉमी और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इन क्षेत्रों को देश के भविष्य के विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही कारण है कि सरकार ने इन विषयों में उच्च गुणवत्ता वाले शोध को बढ़ावा देने के लिए विशेष फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया है।

तीन श्रेणियों में मिलेगा अवसर

इस योजना के तहत उम्मीदवार तीन अलग-अलग श्रेणियों में आवेदन कर सकते हैं। यंग रिसर्च फेलो (YRF) श्रेणी उन शोधकर्ताओं के लिए है जिन्होंने हाल ही में पीएचडी पूरी की है या जिनके पास पांच वर्ष से कम अनुभव है। सीनियर फेलो (SF) श्रेणी में पीएचडी के बाद पांच से दस वर्ष का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

वहीं रिसर्च चेयर (RC) श्रेणी अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए निर्धारित की गई है, जिनके पास पीएचडी के बाद कम से कम दस वर्ष का अनुभव हो। चयनित उम्मीदवारों को उनके अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

देश के शीर्ष संस्थानों में मिलेगा काम करने का मौका

PMRC फेलो को देश के अग्रणी संस्थानों और रिसर्च लैब्स में काम करने का अवसर मिलेगा। इसमें NIRF रैंकिंग के शीर्ष संस्थान, प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेज, रिसर्च संस्थान, CSIR लैब्स और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रतिष्ठित केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा इस योजना को सात प्रमुख संस्थान बतौर लीड इंस्टीट्यूशन सहयोग देंगे, जिनमें प्रमुख IIT और शोध संस्थान शामिल हैं।

चयनित शोधकर्ताओं को फेलोशिप स्टाइपेंड, वार्षिक वेतन वृद्धि, मेडिकल भत्ता, रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए विशेष अनुदान और अत्याधुनिक रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व एवं सहयोग के अवसर भी मिलेंगे।

यह योजना उन युवाओं और अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है जो विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से भारत में विश्वस्तरीय शोध को नई गति मिलेगी और देश की रिसर्च क्षमता और अधिक मजबूत होगी।

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