शहर की कोतवाली थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान युवक को 6.35 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी नशा सप्लाई करने आया था, लेकिन संदिग्ध गतिविधि के चलते पुलिस ने पकड़ लिया, मामले की जांच जारी है।
सीकर: राजस्थान के Sikar शहर में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना पुलिस ने नियमित नाकाबंदी के दौरान एक युवक को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 6.35 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी शहर में इस नशीले पदार्थ की सप्लाई करने आया था।
यह कार्रवाई फतेहपुर रोड स्थित नॉर्थ चौकी के सामने की गई, जहां पुलिस टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान एक युवक बाइक पर आता दिखाई दिया, जिसने पुलिस को देखते ही अचानक दिशा बदलने की कोशिश की। उसकी इस हरकत ने पुलिस का ध्यान आकर्षित किया और उसे तुरंत रोककर पूछताछ की गई।
तलाशी में जेब से मिली स्मैक
पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर युवक घबराया हुआ नजर आया और बार-बार अपनी जींस की पिछली जेब को संभालने लगा। इससे संदेह और गहरा गया। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो एक प्लास्टिक जिपर बैग में स्मैक बरामद हुई।
थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद आसिफ (26) के रूप में हुई है, जो फिरदोस मस्जिद क्षेत्र के पास का निवासी है। मौके पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर ललिता यादव और उनकी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
20 दिन पहले खरीदी थी स्मैक
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने करीब 20 दिन पहले यह स्मैक खरीदी थी। जांच में सामने आया है कि उसने यह नशीला पदार्थ डोलियों का बास क्षेत्र के निवासी नरेश भाट से लिया था। आरोपी इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर शहर में बेचने की योजना बना रहा था।
पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क भी हो सकता है। इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

शहर में ड्रग सप्लाई का बढ़ता खतरा
सीकर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में नशीले पदार्थों की सप्लाई एक गंभीर सामाजिक और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौती बनती जा रही है। युवाओं को निशाना बनाकर ऐसे पदार्थों की बिक्री की जा रही है, जिससे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
पुलिस प्रशासन लगातार ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए सक्रिय है और समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को भी उसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
NDPS एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कानून के तहत नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, परिवहन और सेवन सभी दंडनीय अपराध हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं, और उसके संपर्क में अन्य कौन-कौन लोग हैं।
सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस टीम अब इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। विशेष रूप से उस व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है, जिससे आरोपी ने स्मैक खरीदी थी। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या स्वतंत्र रूप से काम कर रहा था।
जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से पूरे नेटवर्क को ट्रैक करने का प्रयास कर रही हैं।
स्थानीय स्तर पर जागरूकता की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। परिवार, स्कूल और सामुदायिक संस्थाएं मिलकर युवाओं को नशे के खतरों के बारे में जागरूक कर सकती हैं।










