सीकर में सोलर वेंडर ने दुकान में फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में ठगी और धमकी के गंभीर आरोप

राजस्थान सीकर में सोलर वेंडर मंगलचंद ने दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में पैसों के लेनदेन और धमकियों का जिक्र, पुलिस जांच में जुटी है।

सीकर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सोलर वेंडर मंगलचंद ने अपनी दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पैसों के विवाद और धमकियों का जिक्र है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सीकर: राजस्थान के Sikar जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक सोलर वेंडर ने अपनी दुकान के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मंगलचंद (30) पुत्र बनवारीलाल, निवासी तासर के रूप में हुई है।
यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जहां पालवास रोड स्थित एक दुकान के अंदर उनका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें आर्थिक तनाव, कथित ठगी और धमकी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

दुकान के अंदर मिला शव, शटर के नीचे से खुला राज

जानकारी के अनुसार, मंगलचंद पिछले कई वर्षों से सोलर वेंडर का काम कर रहे थे और करीब 8 महीने पहले उन्होंने Sikar में अपनी दुकान शुरू की थी। घटना वाले दिन वह सुबह घर से निकले थे, लेकिन दोपहर बाद से उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। परिवार ने जब संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला।

शाम तक जब दुकान बंद रही, तो परिजन चिंतित हो गए। अगले दिन जब परिवार का सदस्य दुकान पर पहुंचा, तो बाइक बाहर खड़ी मिली और शटर अंदर से बंद था। शक होने पर शटर के नीचे से झांककर देखने पर मंगलचंद का शव फंदे से लटका हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची, प्लाई हटाकर की गई एंट्री

सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सहायक उपनिरीक्षक (ASI) Vidyadhar Singh ने बताया कि दुकान के अंदर जाने के लिए पुलिस ने प्लाई हटाकर प्रवेश किया, जहां युवक का शव फंदे से लटका हुआ मिला।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुसाइड नोट में ठगी, धमकी और आर्थिक दबाव के आरोप

पुलिस को मौके से एक डायरी मिली, जिसमें मंगलचंद ने सुसाइड नोट लिखा था। इस नोट में उन्होंने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में उन्होंने लिखा कि उनके साथ काम के दौरान धोखाधड़ी की गई, उनकी साइट्स के पैसे हड़प लिए गए और उन्हें लगातार धमकाया गया।

सुसाइड नोट में कुछ व्यक्तियों के नामों का भी उल्लेख है, जिनमें कथित रूप से अंकित चौधरी, महेंद्र और श्रवण जैसे नाम शामिल हैं। मृतक ने आरोप लगाया कि उनसे बार-बार पैसे लिए गए, काम पूरा होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया।

धमकी और दबाव का जिक्र, मानसिक तनाव में था युवक

सुसाइड नोट के अनुसार, मंगलचंद ने लिखा कि उन्हें न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें धमकाया और कहा कि “उनकी पोस्टिंग पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रही है, जहां वे लोगों को मारते थे,” जिससे वह डर गए।

इसके अलावा, नोट में यह भी लिखा गया कि उन्हें बार-बार बेइज्जत किया गया और कई बार शारीरिक हिंसा की धमकी दी गई।

परिवार का बयान: बकाया पैसे और विवाद से परेशान था

मृतक के भाई ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि मंगलचंद लंबे समय से आर्थिक विवादों में उलझे हुए थे। कई जगह उनका पैसा बकाया था और वे लगातार मानसिक तनाव में रहते थे। परिवार के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से वह काफी परेशान दिख रहे थे और ज्यादा किसी से बात भी नहीं कर रहे थे।

घटना से एक दिन पहले भी वह घर से सामान्य रूप से निकले थे, लेकिन बाद में उनका फोन बंद हो गया।

दो भाइयों में बड़ा था मंगलचंद, अविवाहित था

मंगलचंद अपने परिवार में दो भाइयों में बड़े थे और अविवाहित थे। परिवार के अनुसार, वह मेहनती और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, जिन्होंने हाल ही में व्यवसाय शुरू कर आर्थिक स्थिरता लाने की कोशिश की थी। लेकिन व्यापार में कथित विवादों और वित्तीय दबाव ने उन्हें गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया।

पुलिस जांच में जुटी, नामित लोगों से पूछताछ संभव

Sikar पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है—क्या यह केवल आर्थिक विवाद था या इसके पीछे कोई संगठित दबाव और धमकी का नेटवर्क था।

आर्थिक दबाव और छोटे व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल

यह घटना एक बार फिर छोटे व्यापारियों और सर्विस प्रोवाइडर्स के सामने आने वाली आर्थिक और मानसिक चुनौतियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे व्यवसायियों के साथ भुगतान विवाद, अनुबंध की अनदेखी और अनौपचारिक दबाव अक्सर गंभीर मानसिक तनाव का कारण बनते हैं।

इस मामले ने स्थानीय व्यापारिक माहौल और भुगतान प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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