न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नेपियर के मैकलिन पार्क में खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में जैसे ही शे होप ने अपनी पारी में 14 रन पूरे किए, उसी के साथ उन्होंने वनडे फॉर्मेट में वेस्टइंडीज के लिए सबसे कम पारियों में 6000 रन पूरे करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: वेस्टइंडीज की टीम इस समय न्यूजीलैंड के दौरे पर है, जहां 5 मैचों की टी20 सीरीज के बाद वह मेजबान टीम के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल रही है। इस सीरीज के दूसरे मुकाबले में विंडीज टीम के कप्तान शे होप ने बल्लेबाजी के दौरान एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। नेपियर के मैकलीन पार्क में खेले जा रहे इस मैच को बारिश के कारण 34-34 ओवरों का कर दिया गया है।
टॉस जीतने के बाद मेजबान टीम ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। वेस्टइंडीज की टीम ने जब 38 के स्कोर पर अपना दूसरा विकेट खोया, तब बल्लेबाजी करने उतरे शे होप ने अपनी पारी में 14 रन पूरे किए और इस खास उपलब्धि के चलते एक महत्वपूर्ण लिस्ट में शामिल हो गए।
शे होप का करियर और प्रदर्शन

शे होप की गिनती वेस्टइंडीज के बेहतरीन वनडे बल्लेबाजों में होती है। उन्होंने 147 वनडे मैचों में 142 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए अब तक 6000 से अधिक रन बनाए हैं। उनकी बल्लेबाजी औसत लगभग 50 के आसपास है। इस दौरान उन्होंने अपने बल्ले से 18 शतक और 30 अर्धशतक भी बनाए हैं। शे होप की यह उपलब्धि खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने यह आंकड़ा कप्तानी और दबाव भरे मैचों में हासिल किया। उनके प्रदर्शन ने वेस्टइंडीज की टीम को कई बार मुश्किल परिस्थितियों से उबारने में मदद की है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज में वेस्टइंडीज टीम को 3-1 से हार का सामना करना पड़ा। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला भी वेस्टइंडीज के लिए कठिन रहा, जिसमें उन्हें 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। नेपियर में खेले जा रहे दूसरे वनडे मैच में वेस्टइंडीज टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 86 रन पर अपने पांच बल्लेबाज गंवा चुकी थी, जिससे टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में कप्तान शे होप की पारी पर टीम की उम्मीदें टिकी हैं। उनकी बल्लेबाजी टीम को एक प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
शे होप ने केवल 142 पारियों में 6000 रन पूरे किए, जो वेस्टइंडीज के इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने के लिए दूसरा सबसे तेज आंकड़ा है। इस मामले में नंबर-1 पोजीशन पर विवियन रिचर्ड्स का नाम है, जिन्होंने कम पारियों में यह रिकॉर्ड बनाया था।









