Share Market: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 350 अंक मजबूत

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि सेंसेक्स 350 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ। जानिए आज के बाजार का पूरा हाल

वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव भरी शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने के बाद बाजार जल्द ही रिकवर होकर हरे निशान में पहुंच गया।

बिजनेस न्यूज़: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिली। शुरुआत में गिरावट के साथ खुला बाजार कुछ ही समय में रिकवर होकर हरे निशान में पहुंच गया और दिन के कारोबार में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा।

सुबह 10:40 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 363 अंकों की बढ़त के साथ 78,856.57 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 89.30 अंक की तेजी के साथ 24,442.85 पर पहुंच गया।

शुरुआती गिरावट के बाद तेजी

सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही क्योंकि बाजार खुलते ही दबाव में दिखा। बीएसई सेंसेक्स 248 अंक गिरकर 78,245.84 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 में भी 60 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, शुरुआती बिकवाली के बाद बाजार में तेजी लौटी और निवेशकों की खरीदारी से इंडेक्स हरे निशान में पहुंच गए।

वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा। Strait of Hormuz tensions को लेकर चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर सीधा असर डालती है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी भी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी रही। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude Oil) की कीमत एक बार फिर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। तेल कीमतों में यह उछाल महंगाई (inflation) की आशंका को बढ़ाता है, जिसका असर सीधे तौर पर कंपनियों की लागत और उपभोक्ता बाजार पर पड़ता है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि 22 अप्रैल के बाद पश्चिम एशिया में तनाव की दिशा बाजार की अगली चाल तय करेगी। यदि युद्धविराम वार्ता विफल होती है, तो वैश्विक बाजारों में और अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है।

किन शेयरों में तेजी और गिरावट

सेंसेक्स पैक में कई प्रमुख शेयरों ने बढ़त दर्ज की। इनमें ट्रेंट, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, एचयूएल, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, भारती एयरटेल, टाटा स्टील और इंडिगो शामिल रहे। वहीं, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, टाइटन और इटरनल जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई।

एशियाई बाजारों में मिलाजुला लेकिन ज्यादातर सकारात्मक रुख देखने को मिला। टोक्यो, हांगकांग, शंघाई, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में रहे, जबकि बैंकॉक में कमजोरी देखी गई। अमेरिकी शेयर बाजार (S&P 500) शुक्रवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेश धारणा को आंशिक समर्थन मिला।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को भारतीय इक्विटी बाजार में 683.20 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 4,721.48 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जिससे बाजार पर कुछ दबाव बना रहा।

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