10 से 14 अगस्त के बीच कच्चा तेल, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

10 से 14 अगस्त के बीच शेयर बाजार पर कच्चे तेल, पश्चिम एशिया तनाव और भारत-अमेरिका के महंगाई आंकड़ों का असर रहेगा। FPIs और तिमाही नतीजे भी अहम होंगे।

10 से 14 अगस्त के दौरान भारतीय शेयर बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया के तनाव और भारत-अमेरिका के महंगाई आंकड़ों का असर रहेगा। विदेशी निवेश और कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की चाल प्रभावित करेंगे।

Business: इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव कई घरेलू और वैश्विक संकेतकों पर निर्भर करेगा। निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रम और भारत-अमेरिका के जुलाई महंगाई आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की गतिविधियां और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, टाटा मोटर्स समेत प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार sentiment को प्रभावित कर सकते हैं।

कच्चे तेल और पश्चिम एशिया के तनाव पर रहेगी नजर

10 से 14 अगस्त के बीच शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें अहम संकेतक रहेंगी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज बदलाव का असर घरेलू महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।

इसके साथ ही पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। किसी बड़े घटनाक्रम की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।

भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़े होंगे अहम

घरेलू मोर्चे पर 12 अगस्त को भारत के जुलाई CPI आधारित महंगाई आंकड़े जारी होने हैं, जबकि 14 अगस्त को WPI आधारित महंगाई के आंकड़े सामने आएंगे। इन आंकड़ों से महंगाई के मौजूदा रुख का संकेत मिलेगा और निवेशक आगे की आर्थिक नीतियों को लेकर संकेत तलाशेंगे।

अमेरिका में भी 12 अगस्त को जुलाई CPI और 13 अगस्त को PPI के आंकड़े जारी होने हैं। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का असर वहां की ब्याज दरों और वैश्विक निवेश प्रवाह पर पड़ सकता है। इसका असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बनाएंगे माहौल

इस सप्ताह कई बड़ी भारतीय कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत फोर्ज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों के परिणाम संबंधित सेक्टर के शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर रहेगी। अगस्त के पहले सप्ताह में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार में 12,921 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था।

पिछले सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 187.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। ऐसे में इस सप्ताह वैश्विक संकेतों, महंगाई के आंकड़ों और कंपनियों के नतीजों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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