कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार दबाव में रहा। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी करीब 100 अंक तक फिसल गया।
बिजनेस न्यूज़: सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसके परिणामस्वरूप प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए, जबकि वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,499.17 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 500 अंक से अधिक टूट गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत फिसलकर 24,570.65 अंक पर बंद हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितताओं और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच जोखिम वाले निवेशों से दूरी बनाना पसंद किया, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
कच्चे तेल की कीमतों का असर

बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी देखने को मिला। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है। ऐसे में तेल की कीमतों में वृद्धि से देश के आयात बिल, महंगाई और कॉर्पोरेट लागत पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
दिनभर के कारोबार में वित्तीय सेवाओं और निजी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में शामिल बजाज फाइनेंस लगभग 5.9 प्रतिशत गिरकर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, टाइटन और टाटा स्टील के शेयरों में भी उल्लेखनीय कमजोरी रही।
आईटी और ऑटो सेक्टर ने दिया सहारा
जहां एक ओर बैंकिंग और वित्तीय शेयर दबाव में रहे, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बाजार को कुछ हद तक समर्थन दिया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
आईटी कंपनियों के शेयरों को वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में सकारात्मक संकेतों से समर्थन मिला, जबकि ऑटो सेक्टर में मजबूत मांग की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और बाजार में कुछ संतुलन बनाए रखने में मदद की। ब्रॉडर मार्केट में मिश्रित रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.22 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.05 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।












