घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स 208 अंक और निफ्टी 67 अंक चढ़कर बंद हुआ। मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी रही, जबकि मीडिया और ऑटो सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया।
Stock Market Closing Bell: घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती दिखाई। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद बाजार हरे निशान में बंद हुआ और निवेशकों का भरोसा बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 208.17 अंकों की बढ़त के साथ 84,273.92 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 67.85 अंकों की तेजी के साथ 25,935.15 के स्तर पर टिक गया। निफ्टी का 25,900 के ऊपर बंद होना बाजार के मजबूत ट्रेंड का संकेत माना जा रहा है।
कारोबार के दौरान फार्मा और PSU बैंक सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स में खरीदारी देखने को मिली। इससे साफ है कि बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) मजबूत बनी हुई है और निवेशक चुनिंदा सेक्टर्स में पैसा लगाने को तैयार हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोश
मंगलवार के कारोबार में सबसे ज्यादा चमक मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.49 फीसदी की बढ़त के साथ 60,736 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स 0.50 फीसदी और स्मॉलकैप 50 इंडेक्स 0.41 फीसदी मजबूत होकर बंद हुए।
इससे यह संकेत मिलता है कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। आम निवेशकों के लिए यह एक पॉजिटिव साइन माना जाता है, क्योंकि यह बाजार में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
सेक्टोरल स्तर पर देखें तो मीडिया सेक्टर ने सबसे ज्यादा कमाल दिखाया। निफ्टी मीडिया इंडेक्स 2.40 फीसदी उछल गया। मीडिया शेयरों में आई इस तेजी के पीछे बेहतर अर्निंग्स की उम्मीद और सेक्टर में बढ़ती गतिविधियां मानी जा रही हैं।
ऑटो सेक्टर ने भी मजबूती दिखाई और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.37 फीसदी चढ़ा। मेटल सेक्टर में 0.81 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह साफ हुआ कि कमोडिटी से जुड़े शेयरों में भी खरीदारी का माहौल बना हुआ है।
आईटी सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.30 फीसदी ऊपर बंद हुआ। बैंकिंग सेक्टर में मिला-जुला रुख रहा। निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.07 फीसदी नीचे रहा, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.18 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।
फार्मा और PSU बैंक सेक्टर दबाव में नजर आए और इन सेक्टर्स में निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी 50 इंडेक्स पर टॉप गेनर्स की सूची में इटरनल, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, पावर ग्रिड कॉर्प और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल रहे। इन शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली और इन्होंने इंडेक्स को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरी ओर, निफ्टी के टॉप लूजर्स में श्रीराम फाइनेंस, HCL टेक, डॉ रेड्डीज लैब्स, बजाज फाइनेंस और टाटा कंज्यूमर के शेयर शामिल रहे। इन शेयरों में गिरावट के चलते फार्मा और आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा।
सेंसेक्स पैक के टॉप शेयर
सेंसेक्स के 30 शेयरों में इटरनल लिमिटेड ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। इसका शेयर 5.14 फीसदी की उछाल के साथ 303.70 के स्तर पर बंद हुआ। टाटा स्टील ने भी 2.82 फीसदी की मजबूती दिखाई और 207.80 के भाव पर कारोबार खत्म किया।
महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 1.79 फीसदी बढ़कर 3,675 पर और टेक महिंद्रा 1.66 फीसदी की तेजी के साथ 1,648 के आसपास बंद हुआ। इसके अलावा पावर ग्रिड, NTPC, L&T, TCS और मारुति सुजुकी जैसे बड़े शेयर भी 1.14 से 1.36 फीसदी तक चढ़े।
गिरावट वाले बड़े शेयर
जहां एक तरफ कई दिग्गज शेयरों ने मजबूती दिखाई, वहीं कुछ बड़े नाम दबाव में भी रहे। HCL टेक्नोलॉजीज सबसे ज्यादा टूटने वाला शेयर रहा और 2.03 फीसदी की गिरावट के साथ 1,569.50 पर बंद हुआ।
बजाज फाइनेंस 1.74 फीसदी गिरकर 965.90 पर आ गया। भारती एयरटेल 1.27 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,012.60 पर बंद हुआ, जबकि एशियन पेंट्स 0.77 फीसदी टूटकर 2,399 के आसपास बंद हुआ।
इसके अलावा अदानी पोर्ट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ITC, अल्ट्राटेक सीमेंट और HDFC बैंक भी लाल निशान में बंद हुए।
रुपये में मजबूती
शेयर बाजार के साथ-साथ करेंसी मार्केट में भी मजबूती देखने को मिली। भारतीय रुपया मंगलवार को 18 पैसे मजबूत होकर 90.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 90.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
रुपये की मजबूती से यह संकेत मिलता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा फिलहाल भारतीय बाजार में बना हुआ है। मजबूत करेंसी आयात लागत को कंट्रोल में रखने में मदद करती है, जो आगे चलकर महंगाई पर भी सकारात्मक असर डाल सकती है।
म्यूचुअल फंड और SIP का बढ़ता भरोसा
बाजार में निवेशकों का जोश सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं है। म्यूचुअल फंड में भी लगातार पैसा आ रहा है। जनवरी 2026 में SIP के जरिए 31,002 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो जनवरी 2025 के 26,400 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 17 फीसदी ज्यादा है।
यह लगातार दूसरा महीना है जब SIP अमाउंट 31 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। इससे साफ है कि लंबी अवधि के निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश जारी रखे हुए हैं।











