भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को उतार-चढ़ाव के बाद भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 417 अंक से अधिक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 24,000 अंक के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया।
बिजनेस न्यूज़: आज, मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। BSE Sensex 416.72 अंक गिरकर 76,886.91 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 97 अंक टूटकर 23,995.70 के स्तर पर आ गया और 24,000 के अहम स्तर से नीचे बंद हुआ। बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। Axis Bank में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि HCL Technologies में लगभग 2% की कमजोरी देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 416.72 अंक गिरकर 76,886.91 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 50 97 अंक गिरकर 23,995.70 के स्तर पर बंद हुआ।दिनभर के कारोबार में बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंततः बिकवाली का दबाव हावी रहा। बाजार की गिरावट में प्रमुख भूमिका बैंकिंग और आईटी सेक्टर की रही।
एक्सिस बैंक के शेयर में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर में लगभग 2% की कमजोरी देखने को मिली। इन दोनों बड़े शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।
रुपये में भी गिरावट का दबाव

विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय मुद्रा कमजोर रही। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे टूटकर 94.56 के स्तर पर बंद हुआ। भारतीय रुपया दिन की शुरुआत 94.35 पर हुई थी, लेकिन कारोबार के दौरान यह 94.58 के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह 94.56 पर बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार बाजार और रुपये पर दबाव के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण रहे:
- कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने आयात बिल बढ़ने की आशंका को मजबूत किया, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
- भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों में जोखिम बढ़ा दिया।
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय इक्विटी बाजार से लगातार पैसा निकाला है, जिससे दबाव और बढ़ गया है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से 19 अरब डॉलर से अधिक की निकासी कर चुके हैं। लगातार हो रही इस आउटफ्लो ने रुपये और इक्विटी दोनों पर दबाव डाला है।









