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शिमला में भूस्खलन: भारी बारिश ने मचाई तबाही, पांच वाहन मलबे में दबे

शिमला में भूस्खलन: भारी बारिश ने मचाई तबाही, पांच वाहन मलबे में दबे

शिमला में लगातार बारिश से विकासनगर में भूस्खलन हुआ। पांच वाहन मलबे में दबे और मुख्य सड़कें बंद। जिला प्रशासन मलबा हटाने में लगा हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।

Shimla Landslide: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लगातार हो रही भारी बारिश ने जीवन और यातायात दोनों को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार रात से जारी झमाझम बारिश के कारण विकासनगर क्षेत्र में काली माता मंदिर के पास भूस्खलन हुआ। इस भूस्खलन में करीब 4 से 5 वाहन मलबे के नीचे दब गए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार हादसे में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ है, लेकिन मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। 

इससे दोनों ओर से यातायात बाधित हो गया है और लोगों को अपने दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें मौके पर मलबा हटाने और मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बड़ी बाधा डाल रही है।

शिमला की सड़कों पर सफर जोखिम भरा

भारी बारिश ने केवल विकासनगर को ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित किया है। कई जगहों पर भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाओं के कारण सड़कों पर सफर करना खतरनाक हो गया है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार राहत कार्य में लगी हैं, लेकिन मौसम की खराबी ने उनकी मेहनत को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। स्थानीय लोग भी चिंतित हैं कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और सतर्क रहें।

मलबे में दबे वाहनों को निकालने का प्रयास

विकासनगर क्षेत्र में मलबे में दबे वाहनों को निकालने के लिए प्रशासन ने विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं। राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय लोग भी प्रशासन की मदद कर रहे हैं। भारी मशीनरी का इस्तेमाल करके मार्ग खोलने और वाहनों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि प्रभावित वाहन और सड़क मार्ग जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लौटें ताकि यातायात प्रभावित न हो। इसके साथ ही, प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की हिदायत दी है।

भूस्खलन का असर सेब सीजन पर

भूस्खलन और बारिश का असर स्थानीय बागवानों और सेब उद्योग पर भी गहरा पड़ा है। शिमला और आसपास के क्षेत्रों में सेब की तुड़ाई रुक गई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का खतरा है। खेतों और बगीचों में पानी भर जाने के कारण सेब समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। भूस्खलन और बंद सड़कों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ढुलाई भी प्रभावित हुई है। इससे न केवल सेब की आपूर्ति में समस्या आ रही है, बल्कि किसानों की आय पर भी सीधा असर पड़ रहा है।

प्रशासन की चेतावनी और 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और ढलानदार क्षेत्रों में सतर्क रहें और अनावश्यक आवाजाही से बचें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, इसलिए सभी नागरिकों से सावधानी बरतने की उम्मीद की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की लापरवाही भूस्खलन या अन्य आपदाओं को बढ़ा सकती है।

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