शरद पवार के नाम पर MVA में सहमति, राज्यसभा चुनाव की रणनीति तय

शरद पवार के नाम पर MVA में सहमति, राज्यसभा चुनाव की रणनीति तय

16 मार्च 2026 को महाराष्ट्र और 10 अन्य राज्यों की 30 राज्यसभा सीटों पर मतदान होगा। महायुति की छह सीटें और MVA की एक सीट लगभग तय हैं। शरद पवार के नाम पर सहमति होने से सातों सीटें निर्विरोध हो सकती हैं।

Maharashtra: 16 मार्च 2026 को महाराष्ट्र समेत देश के 10 राज्यों की कुल 30 राज्यसभा सीटों पर मतदान होना है। महाराष्ट्र में इस बार सात सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार महायुति (BJP और उसके सहयोगी) के छह उम्मीदवारों और महाविकास आघाड़ी (MVA) के एक उम्मीदवार के जीतने की संभावना जताई जा रही है। पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक दल अपने उम्मीदवार तय करने और वोटों के गणित को समझने में जुटे हुए हैं।

राज्यसभा चुनावों में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा महाराष्ट्र की सात सीटों को लेकर हो रही है। यह इसलिए क्योंकि शरद पवार की स्थिति इस चुनाव के परिणाम को सीधे प्रभावित कर सकती है।

बीजेपी ने घोषित किए उम्मीदवार

बीजेपी ने महाराष्ट्र में चार उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं। इसमें पूर्व मंत्री विनोद तावड़े, आरपीआई (आठवले गुट) के प्रमुख और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले, हिंगोली के बीजेपी नेता रामराव वडकुते और नागपुर की बीजेपी नेता माया इवनाते शामिल हैं। इसके अलावा एक-एक सीट अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को देने का निर्णय लिया गया है।

बीजेपी की रणनीति स्पष्ट है कि उनके पास 232 विधायकों का समर्थन है। शिंदे गुट के पास 20 अतिरिक्त वोट हैं और अजित पवार के गुट के पास 3 अतिरिक्त वोट मौजूद हैं। इस आधार पर बीजेपी अगर चाहे तो सातवीं सीट के लिए भी पूरी तैयारी के साथ अपना उम्मीदवार उतार सकती है।

शरद पवार का नाम लगभग तय

महाविकास आघाड़ी के एक उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा जाने की संभावना शरद पवार के नाम से जुड़ी है। MVA ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनके नाम पर सहमति लगभग बन चुकी है। पहले कांग्रेस ने यह सीट अपने लिए मांगी थी। कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के नाम चर्चा में थे, लेकिन अब संभावना है कि MVA शरद पवार को उम्मीदवार बनाए।

शरद पवार का नाम यदि आधिकारिक रूप से घोषित होता है, तो महाराष्ट्र की सातों सीटों का चुनाव निर्विरोध हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बीजेपी और MVA के बीच समझौता होने के कारण अन्य दलों के लिए चुनौती कम हो जाएगी।

निर्विरोध चुनाव कैसे संभव

राज्यसभा के किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम पहली वरीयता के 37 वोटों की आवश्यकता होती है। महायुति के पास कुल 232 विधायकों का समर्थन है। अगर शरद पवार का नाम MVA की ओर से घोषित होता है, तो बीजेपी को सातवीं सीट के लिए भी कोई विरोध सामना नहीं करना पड़ेगा।

हालांकि, यदि सातवीं सीट के लिए ठाकरे गुट या कांग्रेस का कोई अन्य नेता मैदान में आता है, तो बीजेपी भी अपना उम्मीदवार उतार सकती है। इस स्थिति में चुनाव निर्विरोध नहीं होगा और मतदान की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी।

वोटों का गणित

महाराष्ट्र की विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को ध्यान में रखते हुए महायुति की छह सीटें लगभग निश्चित मानी जा रही हैं। शिंदे गुट के पास 20 अतिरिक्त वोट हैं, जबकि अजित पवार के गुट के पास 3 वोट हैं। MVA की एक सीट के लिए शरद पवार का नाम तय होना बाकी है।

इस गणित के अनुसार यदि शरद पवार का नाम आधिकारिक रूप से घोषित होता है, तो सभी सातों सीटें निर्विरोध हो सकती हैं। इस चुनाव में वोटिंग की प्रक्रिया तभी होगी जब किसी दल ने अपने उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा और विरोधी उम्मीदवार ने चुनौती दी।

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