श्रीगंगानगर में युवती ने 7 साल के प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कर दी। शादी के 3 महीने बाद रची गई इस साजिश में पढ़ाई का बहाना, सुनसान जगह और गला घोंटकर हत्या का खुलासा हुआ।
Rajasthan: पुलिस जांच में सामने आया है कि सादुलशहर की रहने वाली अर्जु उर्फ अंजली (23) पिछले करीब 6 से 7 साल से संजय उर्फ संजू (25) के साथ प्रेम संबंध में थी। संजय अंजली की रिश्तेदारी में ही लगता है। दोनों ने एक ही कॉलेज से बीए की पढ़ाई की थी और उसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
अंजली और संजय का मिलना-जुलना लंबे समय से चल रहा था और इस रिश्ते की जानकारी अंजली के परिजनों को भी थी। इसके बावजूद 30 अक्टूबर 2025 को परिवार ने अंजली की शादी रावला निवासी आशीष कुमार (27) से कर दी। आशीष बीएससी पास था और पढ़ा-लिखा युवक था। शादी से अंजली खुश नहीं थी और संजय भी इस रिश्ते से परेशान रहने लगा।
पढ़ाई का बहाना
शादी के बाद अंजली श्रीगंगानगर में एमए की पढ़ाई करने के बहाने अपने प्रेमी संजय के पास रहना चाहती थी। उसने कई बार पति आशीष से श्रीगंगानगर जाकर पढ़ाई करने की अनुमति मांगी, लेकिन आशीष ने साफ इनकार कर दिया।
इस बात से अंजली काफी नाराज हो गई। वह लगातार संजय से फोन पर बात करती रहती थी और पति द्वारा मना करने की बात उसे बताती थी। आशीष के फैसले के बाद अंजली और संजय के बीच बातचीत और ज्यादा बढ़ गई। इसी दौरान दोनों ने आशीष को रास्ते से हटाने की साजिश रचनी शुरू कर दी।
मायके में रची हत्या की साजिश
आशीष की हत्या से करीब 16 दिन पहले अंजली मायके गई थी। इसी दौरान उसने संजय से मुलाकात की और दोनों ने मिलकर आशीष की हत्या की पूरी योजना बनाई। योजना के तहत हत्या को लूट या हादसा दिखाने की तैयारी की गई।
पुलिस के अनुसार, अंजली मायके से लौटने के बाद सामान्य व्यवहार करती रही। आशीष ने हत्या से तीन दिन पहले ही एक निजी स्कूल में शिक्षक की नौकरी जॉइन की थी और भविष्य की योजनाएं बना रहा था, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि उसकी पत्नी उसके खिलाफ साजिश रच चुकी है।
घूमने के बहाने ले गई
30 जनवरी की रात को खाना खाने के बाद अंजली ने आशीष को घूमने के बहाने बाहर चलने को कहा। उसने पहले ही संजय को फोन कर लोकेशन बता दी थी। संजय अपने दो साथियों रोहित उर्फ रॉकी (20) और बादल उर्फ सिद्धार्थ (20) के साथ गांव 01 केएलएम के पास सड़क किनारे झाड़ियों में छिपकर बैठ गया।
जैसे ही अंजली आशीष को वहां लेकर पहुंची, उसके इशारे पर आरोपियों ने आशीष के सिर पर डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोट लगने के बाद भी जब आशीष की सांसें चल रही थीं, तो मफलर से उसका गला घोंट दिया गया। हत्या के बाद अंजली ने आशीष का मोबाइल फोन और अपने कानों के झुमके आरोपियों को दे दिए ताकि घटना को लूट या दुर्घटना का रूप दिया जा सके। बाद में अंजली खुद भी बेहोशी का नाटक करती मिली।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने आशीष के सिर के पीछे गंभीर चोट और गला घोंटकर मौत की पुष्टि की है। एसपी अमृता दुहन ने बताया कि इस मामले में अंजली, उसके प्रेमी संजय और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।










