भारतीय वनडे कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद टीम की वर्ल्ड कप तैयारियों को लेकर अहम बात कही। गिल ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की फॉर्म पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब टीम में ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं है। उन्होंने वर्ल्ड कप से पहले मुख्य कॉम्बिनेशन तैयार करने, फील्डिंग सुधारने और डेथ ओवरों में गेंदबाजी को बेहतर करने की जरूरत बताई।
रोहित-विराट की फॉर्म पर गिल का भरोसा
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत को 5 विकेट से हार मिली, लेकिन टीम ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की। मुकाबले के बाद गिल ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की फॉर्म का बचाव किया। गिल ने कहा कि दोनों बल्लेबाज अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने रोहित शर्मा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि रोहित ने पिछली चार पारियों में तीसरा शतक लगाया है। गिल ने विराट कोहली की फॉर्म पर भी भरोसा जताया।
उन्होंने केएल राहुल की भी तारीफ की और कहा कि जब भी राहुल को मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और शानदार बल्लेबाजी की है।
रोहित-विराट को आराम देने का समय नहीं
रोहित शर्मा और विराट कोहली को कुछ मैचों में आराम देने तथा नए खिलाड़ियों को आजमाने के सवाल पर गिल ने स्पष्ट संकेत दिया कि अब प्रयोग का समय कम है।
गिल के मुताबिक वर्ल्ड कप से पहले टीम को उस कॉम्बिनेशन के साथ खेलना शुरू करना जरूरी है, जिसके साथ वह टूर्नामेंट में उतरना चाहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली सीरीज से टीम के सभी उपलब्ध प्रमुख खिलाड़ी मैदान पर होंगे।
गिल का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ल्ड कप की तैयारियों के दौरान टीम मैनेजमेंट को प्लेइंग इलेवन और खिलाड़ियों की भूमिकाओं को लेकर ज्यादा स्पष्टता हासिल करनी होगी।
फील्डिंग में सुधार जरूरी, 6-7 कैच छूटे
गिल ने वेस्टइंडीज सीरीज के दौरान भारतीय टीम की फील्डिंग को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूरी सीरीज में भारत ने करीब 6-7 कैच छोड़े।
कप्तान ने इसे वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं माना। उनका कहना था कि बड़े टूर्नामेंट में टीम की फील्डिंग टॉप क्लास होनी चाहिए।
भारत के लिए यह क्षेत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़े मैचों में एक कैच या रन बचाने वाली फील्डिंग मुकाबले का रुख बदल सकती है। गिल ने संकेत दिया कि टीम को टूर्नामेंट से पहले इस विभाग पर विशेष काम करना होगा।
डेथ ओवरों में रणनीति स्पष्ट करने की जरूरत
गिल ने डेथ ओवरों की गेंदबाजी को भी टीम के लिए सुधार का क्षेत्र बताया। उनके मुताबिक कई बार भारतीय टीम इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं होती कि आखिरी ओवरों में आक्रमण करना है या रन बचाने की कोशिश करनी है।

उन्होंने खास तौर पर उस स्थिति का जिक्र किया जब विपक्षी टीम के 5 या 6 विकेट गिर चुके हों। ऐसी स्थिति में फील्डिंग सेट करने और गेंदबाजी की रणनीति तय करने को लेकर असमंजस हो सकता है। गिल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या भारत बहुत जल्दी डेथ बॉलिंग शुरू कर देता है या फिर उस समय तक मिडिल ओवरों वाली रणनीति से ही गेंदबाजी करता रहता है।
स्लो ओवर रेट ने भारत को नुकसान पहुंचाया
तीसरे वनडे में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन बनाए थे। गिल के अनुसार भारतीय टीम एक समय मुकाबले पर नियंत्रण में थी, लेकिन स्लो ओवर रेट ने मैच के अंतिम चरण में स्थिति बदल दी।
भारत 46वें ओवर के बाद निर्धारित समय से चार ओवर पीछे था। इसके कारण आखिरी ओवरों में भारत को 5 की जगह सिर्फ 4 फील्डरों को बाउंड्री के बाहर रखने की अनुमति थी।
गिल ने कहा कि अगर भारत समय पर अपने ओवर पूरे कर लेता तो शायद मुकाबला आखिरी ओवर तक जा सकता था। उनके अनुसार वेस्टइंडीज ने इस स्थिति का फायदा उठाया और मैच भारत से छीन लिया।
बुमराह और हार्दिक की गैरमौजूदगी में नए गेंदबाजों को मौका
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भारत का पसंदीदा गेंदबाजी अटैक पूरी तरह उपलब्ध नहीं था। जसप्रीत बुमराह एशियन गेम्स में थे, जबकि हार्दिक पंड्या चोटिल थे।
मोहम्मद सिराज ने तीन मैचों में से केवल एक मैच खेला। न्यू चंडीगढ़ में डेब्यू करने वाले अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और नमन धीर ने पारी के आखिरी 10 ओवरों में गेंदबाजी की।
गुवाहाटी में डेब्यू करने वाले औकीब नबी ने भी पारी के अंतिम हिस्से में गेंदबाजी की। ऐसे में टीम के युवा और नए गेंदबाजों को दबाव वाली परिस्थितियों में अनुभव हासिल करने का मौका मिला।
गिल बने प्लेयर ऑफ द सीरीज
शुभमन गिल को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 3 मैचों में कुल 334 रन बनाए।
उनके प्रदर्शन में गुवाहाटी में 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई नाबाद डबल सेंचुरी भी शामिल है। हालांकि, तीसरे वनडे में गिल जल्दी आउट हो गए।
जेडन सील्स की गेंद पर शाई होप ने बाईं ओर डाइव लगाकर एक हाथ से गिल का कैच पकड़ा। गिल ने कहा कि जब कोई बल्लेबाज जल्दी आउट होता है तो निराशा होती है, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उस गेंद पर वह बहुत कुछ कर सकते थे।
होप की 162 रन की पारी ने बदला मैच
वेस्टइंडीज की जीत के सबसे बड़े नायक शाई होप रहे। उन्होंने 143 गेंदों पर नाबाद 162 रन बनाए। यह इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक था।
होप की शानदार पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने भारत के 351 रन के जवाब में 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया और 5 विकेट से मुकाबला जीत लिया।
होप ने अपनी बल्लेबाजी में पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी की सलाह को भी अहम बताया। उनके अनुसार धोनी ने उन्हें नतीजे के बजाय प्रक्रिया पर ध्यान देने और यह समझने की सलाह दी थी कि बल्लेबाज के पास उसकी सोच से ज्यादा समय होता है।
वर्ल्ड कप से पहले मुख्य कॉम्बिनेशन पर जोर
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज भारत ने 2-1 से जीत ली, लेकिन तीसरे वनडे की हार ने टीम की कुछ कमजोरियां भी सामने रखीं। 351 रन बनाने के बावजूद भारत लक्ष्य का बचाव नहीं कर सका।
गिल के बयान से साफ है कि टीम अब वर्ल्ड कप से पहले अपने मुख्य खिलाड़ियों और तय कॉम्बिनेशन को ज्यादा से ज्यादा मैचों में आजमाना चाहती है। रोहित शर्मा और विराट कोहली की फॉर्म पर कप्तान का भरोसा कायम है, जबकि फील्डिंग, स्लो ओवर रेट और डेथ ओवरों की गेंदबाजी ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें सुधार पर टीम का ध्यान रहेगा।
भारत का अगला वनडे असाइनमेंट न्यूजीलैंड के खिलाफ है। वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से आने वाली सीरीज में टीम के मुख्य कॉम्बिनेशन और खिलाड़ियों की भूमिकाओं पर नजर रहेगी।












