CBSE ने स्कूली बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों की कैंटीन से जंक फूड हटाने का निर्देश दिया है। इसकी जगह हेल्दी फूड को शामिल किया जा रहा है। यह फैसला बच्चों में बढ़ते मोटापे, डायबिटीज और गलत खानपान की आदतों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
CBSE Junk Food Ban: स्कूली बच्चों में तेजी से बढ़ रही मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियों को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने देशभर के अपने सभी स्कूलों को कैंटीन से जंक फूड हटाने का आदेश दिया है। यह फैसला हाल ही में जारी दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है, जिसके बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत कई शहरों के स्कूलों में इसे लागू भी कर दिया गया है। बच्चों को हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर प्रेरित करने के लिए अब स्कूल कैंटीन में पौष्टिक भोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कैंटीन से हटे ये अनहेल्दी फूड आइटम
CBSE के निर्देशों के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत कई शहरों के स्कूलों ने अपनी कैंटीन से समोसा, फ्राइड स्नैक्स, शुगर से भरे खाद्य पदार्थ और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे आइटम पूरी तरह हटा दिए हैं। ये वही चीजें थीं, जिन्हें बच्चे सबसे ज्यादा पसंद करते थे, लेकिन यही हेल्थ के लिए सबसे खतरनाक मानी जाती हैं।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अब बच्चों को हाई फैट और हाई शुगर डाइट से दूर रखने पर खास जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद सिर्फ खाना बदलना नहीं, बल्कि बच्चों की सोच में भी हेल्दी लाइफस्टाइल को प्राथमिकता देना है।

अब क्या मिलेगा स्कूल कैंटीन में
नए नियमों के तहत स्कूलों की कैंटीन में अब वेज पेटीज, सैंडविच, गर्म सूप, कॉफी, छाछ और फ्रेश जूस जैसे हेल्दी विकल्प शामिल किए गए हैं। सर्दियों को देखते हुए बच्चों को गर्म पेय और हल्का भोजन देने पर खास फोकस किया जा रहा है।
इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों को नियमित योग, फिटनेस एक्टिविटी और हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम से भी जोड़ा जा रहा है। शिक्षकों और स्कूल प्रशासन का मानना है कि खानपान के साथ-साथ रोजमर्रा की दिनचर्या में बदलाव से बच्चों की सेहत में बड़ा सुधार देखा जा सकता है।









