स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच अनबन? ड्रेसिंग रूम पर उठे सवाल

Smriti Mandhana और Harmanpreet Kaur के बीच कप्तानी को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इसका असर भारतीय महिला टीम के ड्रेसिंग

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में मंगलवार को कई बड़े बदलाव देखने को मिले। हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला क्रिकेट टीम में नेतृत्व परिवर्तन के बाद ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हरमनप्रीत कौर के सभी प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने और स्मृति मंधाना को नया कप्तान बनाए जाने के बाद दोनों सीनियर खिलाड़ियों के बीच रिश्तों को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें दावा किया गया है कि कप्तानी को लेकर दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के समय में स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच बातचीत और आपसी तालमेल पहले जैसा नहीं रहा। एक सूत्र के हवाले से यह भी दावा किया गया कि दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे से नजरें मिलाने से बच रही थीं और इसका असर टीम के ड्रेसिंग रूम के माहौल पर पड़ा। हालांकि, दोनों खिलाड़ियों की ओर से इस कथित मतभेद को लेकर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

हरमनप्रीत ने छोड़ी तीनों फॉर्मेट की कप्तानी

भारतीय महिला क्रिकेट में मंगलवार को बड़ा बदलाव हुआ, जब हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्मृति मंधाना को टीम की नई ऑल-फॉर्मेट कप्तान नियुक्त किया। हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय महिला टीम की कप्तानी संभाली थी। करीब एक दशक तक नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के बाद अब उनके पास कप्तानी का अतिरिक्त दबाव नहीं होगा। इससे उन्हें अपने खेल पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिल सकता है।

हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारतीय टीम ने कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेले और बड़े टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व किया। हाल ही में एशियन गेम्स में टीम के प्रदर्शन और खिताब बचाने की चुनौती के बीच भी उनका नेतृत्व चर्चा में रहा था।

स्मृति मंधाना को मिली बड़ी जिम्मेदारी

स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी और प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और इसके बाद तीनों प्रारूपों में अपनी पहचान बनाई। पिछले कुछ वर्षों में स्मृति की बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता भी लगातार चर्चा में रही है। टीम के प्रदर्शन और विशेष रूप से टी20 क्रिकेट में कुछ निराशाजनक नतीजों के बाद नेतृत्व में बदलाव की मांग उठती रही थी।

अब मंधाना के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों प्रारूपों में टीम को संतुलित नेतृत्व देने की होगी। उनके सामने युवा खिलाड़ियों को तैयार करने के साथ-साथ अनुभवी क्रिकेटरों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रहेगी।

कप्तानी को लेकर पहले भी हुई थी चर्चा

भारतीय महिला क्रिकेट की पूर्व कप्तान मिताली राज भी पहले स्मृति मंधाना को वनडे कप्तानी सौंपने की बात कह चुकी हैं। उनके मुताबिक, कुछ वर्ष पहले ही वनडे टीम की कमान स्मृति को दी जा सकती थी, जबकि टी20 टीम की कप्तानी किसी युवा खिलाड़ी को सौंपकर भविष्य के लिए नेतृत्व तैयार किया जा सकता था।

मिताली की यह टिप्पणी उस समय आई थी जब भारतीय टीम को टी20 विश्व कप में अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। उनके अनुसार नेतृत्व में समय रहते बदलाव करने से नई कप्तान को बड़े टूर्नामेंट से पहले पर्याप्त अनुभव हासिल करने का मौका मिल सकता था।

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