स्नूकर विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के असजद इकबाल ने भारत के तीन बार के आईबीएसएफ विश्व चैंपियन पंकज आडवाणी को 4-0 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: स्नूकर विश्व कप 2025 के क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के असजद इकबाल ने भारतीय तीन बार के आईबीएसएफ विश्व चैंपियन पंकज आडवाणी को 4-0 से हराकर बड़े उलटफेर का प्रदर्शन किया। इस मुकाबले में इकबाल ने अपने बेहतरीन खेल और निरंतर शानदार ब्रेक के दम पर आडवाणी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
पहला और दूसरा फ्रेम: इकबाल का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही असजद इकबाल ने अपने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। पहले फ्रेम में उन्होंने 81 का शानदार ब्रेक लगाकर बढ़त बनाई। दूसरे फ्रेम में भी उन्होंने लगातार दबदबा बनाए रखा और 45 का ब्रेक लगाकर स्कोर 2-0 कर लिया। इसके साथ ही इकबाल ने साफ संकेत दे दिया कि वह मुकाबले में किसी भी तरह की कमजोरी नहीं दिखाने वाले हैं।
पंकज आडवाणी, जिन्होंने प्री-क्वार्टरफाइनल में ब्रिजेश दामानी को मात दी थी, इस मुकाबले में अपने खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए। उनके अनुभव और रणनीति के बावजूद, इकबाल की निरंतरता और ठोस ब्रेक ने उन्हें किसी भी पल पकड़ में आने नहीं दिया।

तीसरा और चौथा फ्रेम: निर्णायक पल
तीसरे फ्रेम में असजद इकबाल ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। उन्होंने इस फ्रेम में 68 और 49 के दो महत्वपूर्ण ब्रेक लगाकर स्कोर 3-0 कर दिया। चौथे और अंतिम फ्रेम में भी उन्होंने मजबूती बनाए रखी और अपनी शैली में कोई ढील नहीं दी। इस फ्रेम को जीतकर उन्होंने न केवल स्कोरलाइन 4-0 की क्लीन स्वीप में बदल दी, बल्कि सेमीफाइनल में अपनी जगह भी पक्की कर ली।
इस प्रदर्शन के दौरान असजद इकबाल ने मानसिक मजबूती और खेल की समझ का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। आडवाणी जैसे अनुभवी और तीन बार के विश्व चैंपियन के खिलाफ यह जीत उनके करियर का एक अहम मोड़ साबित हो सकती है।
पाकिस्तानी स्नूकर समुदाय के लिए गर्व का पल
असजद इकबाल की यह जीत पाकिस्तान के स्नूकर समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के खिलाड़ी की क्षमता और खेल भावना को भी दर्शाती है। इकबाल ने पहले राउंड से ही शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआती राउंड में भी अपने विरोधियों को शिकस्त दी थी और यह क्वार्टरफाइनल में मिली जीत उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करती है।
पंकज आडवाणी की हार यह दिखाती है कि प्रतिस्पर्धा अब और भी तीव्र हो गई है। किसी भी खिलाड़ी के लिए एक छोटा सा भी कमजोर कदम भारी पड़ सकता है। इस हार से भारतीय टीम को अपनी रणनीति और खेल की निरंतरता पर ध्यान देने की जरूरत है।










