संसद में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को लिया आड़े हाथ, जी राम जी बिल पर जताया विरोध

संसद में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को लिया आड़े हाथ, जी राम जी बिल पर जताया विरोध

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में जी राम जी बिल को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल मनरेगा योजना और ग्रामीण रोजगार को कमजोर करेगा और महात्मा गांधी के विचारों का अपमान है।

New Delhi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में पेश किए गए 'जी राम जी' बिल को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान और ग्रामीण रोजगार की सुरक्षा पर हमला करार दिया। राहुल गांधी ने कहा कि इस बिल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मनरेगा योजना को कमजोर करके ग्रामीण गरीबों के अधिकारों और आजीविका पर चोट पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने बताया कि मनरेगा, 2005 में यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, ग्रामीणों की आर्थिक सुरक्षा की बुनियाद रही है। कोविड काल में यह योजना गरीब ग्रामीणों के लिए जीवन रक्षक साबित हुई। लेकिन केंद्र सरकार इस योजना को बदलकर इसे कमजोर करने पर तुले हुए हैं।

मोदी सरकार पर आरोप

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दो चीजों से नफरत है- महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से। उन्होंने लिखा कि मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है और करोड़ों ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा रही है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले दस सालों में मनरेगा को लगातार कमजोर करने की कोशिश की। अब यह बिल, जिसे 'जी राम जी' नाम दिया गया है, इस योजना के मूल स्वरूप को मिटाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की इस नीति से ग्रामीणों की आजीविका असुरक्षित हो जाएगी और उनका जीवन संकट में पड़ेगा।

मनरेगा की मूल बातें 

मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों पर आधारित थी। पहला, रोजगार का अधिकार – जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेगा। दूसरा, गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता मिलेगी। तीसरा, केंद्र सरकार मजदूरी का पूरा खर्च उठाएगी और समान लागत का 75 फीसदी भुगतान करेगी।

राहुल गांधी ने बताया कि नए बिल में सभी निर्णय और बजट केंद्र सरकार के नियंत्रण में होंगे। राज्यों को 40 फीसदी खर्च उठाने के लिए बाध्य किया जाएगा और बजट खत्म होने या फसल कटाई के समय ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिलेगा। इस तरह यह बिल ग्रामीण गरीबों की आर्थिक सुरक्षा और मनरेगा के मूल अधिकारों को कमजोर करने वाला है।

गांधीजी के आदर्शों का अपमान

राहुल गांधी ने कहा कि इस बिल के जरिए महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मनरेगा केवल रोजगार देने वाली योजना नहीं थी, बल्कि ग्रामीण विकास और ग्राम-स्वराज के सिद्धांतों पर आधारित थी। यह योजना गांवों को सशक्त बनाने, स्थानीय संसाधनों का प्रबंधन और आर्थिक समानता के उद्देश्य से बनाई गई थी।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पहले ही युवाओं के रोजगार के अवसर घटाए और बेरोजगारी बढ़ाई। अब यह बिल ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोजी-रोटी को भी खत्म करने का जरिया बन गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम से समाज के कमजोर वर्ग और गांवों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

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