भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सपाट शुरुआत की। रुपये की कमजोरी से निवेशकों के सेंटीमेंट दबाव में रहे। सेंसेक्स और निफ्टी सीमित बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे, जबकि एशियाई बाजारों और FII बिकवाली का असर बना रहा।
Stock Market Today: एशियाई बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार 17 दिसंबर को सपाट रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार जारी कमजोरी ने निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर डाला है। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास बना हुआ है, जिससे आयात लागत, महंगाई और विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में बाजार में सतर्कता साफ नजर आ रही है।
सेंसेक्स में हल्का उतार चढ़ाव
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 84,856 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स में उतार चढ़ाव देखा गया, क्योंकि निवेशक घरेलू संकेतों के साथ साथ ग्लोबल फैक्टर्स का आकलन करते दिखे। सुबह 9:28 बजे सेंसेक्स 169.35 अंक यानी करीब 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,849.21 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। बैंकिंग, आईटी और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में हल्की खरीदारी ने इंडेक्स को सपोर्ट दिया।
निफ्टी 25875 के आसपास स्थिर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी सपाट रुख के साथ 25,902 अंक पर खुला। शुरुआती कुछ मिनटों के बाद निफ्टी में सीमित तेजी देखने को मिली। सुबह 9:30 बजे यह 54.15 अंक या 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,920 अंक के आसपास ट्रेड कर रहा था। निफ्टी का 25,875 से 25,950 का दायरा निवेशकों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां से आगे की दिशा तय हो सकती है।
रुपये की गिरावट से बाजार पर असर
डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार जारी गिरावट निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बना हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों का रुख सतर्क हो गया है। कमजोर रुपये का असर खासतौर पर उन सेक्टर्स पर पड़ता है, जो आयात पर निर्भर हैं। वहीं, एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों को इससे कुछ हद तक सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, ओवरऑल मार्केट सेंटीमेंट फिलहाल दबाव में बना हुआ है।
एशियाई बाजारों का मिला जुला रुख
ग्लोबल मार्केट्स की बात करें तो एशियाई बाजारों में बुधवार को ज्यादातर कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों ने जापान से आए नए व्यापार आंकड़ों का मूल्यांकन किया। जापान का Nikkei 225 करीब 0.14 प्रतिशत फिसला। ऑस्ट्रेलिया का S&P ASX 200 भी 0.21 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा। हालांकि, दक्षिण कोरिया का Kospi क्षेत्रीय रुझान के उलट करीब 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया। एशियाई बाजारों की यह सुस्ती भारतीय बाजार पर भी असर डालती दिखी।
वॉल स्ट्रीट से मिले मिले जुले संकेत
अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर भी निवेशकों का रुख मिला जुला रहा। प्रमुख इंडेक्स अलग अलग दिशा में बंद हुए। S&P 500 लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ 0.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। निवेशक नवंबर की रोजगार रिपोर्ट के देर से जारी होने को लेकर सतर्क नजर आए। टेक आधारित Nasdaq Composite 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि Dow Jones Industrial Average में 0.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वॉल स्ट्रीट के इन संकेतों का असर आज घरेलू बाजार की धारणा पर भी दिख रहा है।
आईपीओ मार्केट में हलचल
प्राइमरी मार्केट की बात करें तो आज आईपीओ सेगमेंट में भी कई अहम अपडेट हैं। मेनबोर्ड सेगमेंट में KSH International IPO आज सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन में प्रवेश कर रहा है। निवेशकों की नजर इस इश्यू की सब्सक्रिप्शन ट्रेंड पर बनी हुई है। इसके अलावा ICICI Prudential AMC IPO के अलॉटमेंट का आधार आज तय किया जाएगा, जिसे लेकर निवेशकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
एसएमई आईपीओ में भी एक्टिविटी तेज
SME सेगमेंट में आज कई पब्लिक इश्यू निवेश के लिए खुल रहे हैं। Global Ocean Logistics India IPO और MARC Technocrats IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होंगे। वहीं, Stanbic Agro IPO, Exim Routes IPO और Ashwini Container Movers IPO का अलॉटमेंट आधार आज फाइनल किया जाएगा।
Neptune Logitec IPO आज सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन में प्रवेश कर रहा है। इसके अलावा Shipwaves Online IPO और Unicem Agritech IPO आज डी स्ट्रीट पर लिस्ट होंगे, जिससे SME निवेशकों की नजर इस सेगमेंट पर बनी रहेगी।
एफआईआई की बिकवाली से दबाव
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की बिकवाली जारी है। मंगलवार 16 दिसंबर को FIIs ने कैश मार्केट में 2,060.76 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने 770.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। FIIs की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है, हालांकि DIIs की खरीदारी से गिरावट को कुछ हद तक थामने में मदद मिल रही है।










