Stock Market Crash: कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 900 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। Sensex 900 अंक टूट गया जबकि Nifty 24,000 के नीचे फिसल गया। जानें

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। वैश्विक संकेतों की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार खुलते ही लाल निशान में चला गया।

बिजनेस न्यूज़: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए गुरुवार की सुबह कमजोर शुरुआत लेकर आई, जहां वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल का असर साफ दिखाई दिया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया और प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती तेल कीमतों ने महंगाई और लागत बढ़ने की आशंका को हवा दी, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। हालांकि शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में कुछ स्थिरता की कोशिश भी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर सत्र की शुरुआत दबाव में रही।

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक BSE Sensex करीब 910 अंक (1.47%) गिरकर 76,586 के स्तर पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक Nifty 50 भी 282 अंक (1.17%) टूटकर 23,894 के नीचे फिसल गया। इस गिरावट के साथ निफ्टी एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया, जिससे ट्रेडर्स और निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है। शुरुआती कारोबार में बाजार की स्थिति बेहद कमजोर रही।

  • करीब 1,371 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई
  • केवल 873 शेयर ही बढ़त में रहे
  • 137 शेयर स्थिर रहे

बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार में रिकवरी की संभावना कमजोर पड़ गई।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मानी जा रही हैं। अमेरिका और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कच्चा तेल $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। Crude Oil Price में इस तेजी ने भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर सीधा असर डाला है। भारत अपनी अधिकांश तेल जरूरतें आयात करता है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से:

  • व्यापार घाटा बढ़ सकता है
  • महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है
  • कंपनियों की लागत में इजाफा हो सकता है

इन्हीं आशंकाओं के चलते निवेशकों ने भारी बिकवाली शुरू कर दी। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी भारतीय बाजार की स्थिति को प्रभावित किया है। निवेशक लगातार फेडरल रिजर्व की नीतियों, वैश्विक महंगाई और भू-राजनीतिक तनावों पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

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