सीमेंस लिमिटेड का स्टॉक 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से 33% नीचे आ चुका है। ICICI Securities और Antique Broking ने BUY रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के अनुसार लंबी अवधि में इलेक्ट्रिफिकेशन और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से ग्रोथ संभव है।
Stock To Buy: शेयर बाजार में कमजोरी के माहौल के बीच भी कुछ ऐसे स्टॉक्स होते हैं, जिन पर ब्रोकरेज हाउस लंबी अवधि के लिए भरोसा जता रहे हैं। सोमवार 15 दिसंबर को बाजार की शुरुआत भले ही गिरावट के साथ हुई, लेकिन इसी उतार-चढ़ाव के बीच हैवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी सीमेंस लिमिटेड (Siemens Ltd) को लेकर ब्रोकरेज हाउसेस का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।
यह स्टॉक अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से करीब 33 प्रतिशत नीचे आ चुका है। इसके बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा फायदा शेयर प्राइस को मिल सकता है।
कमजोर बाजार में भी क्यों बनी है उम्मीद
सोमवार को एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा। रुपये में लगातार कमजोरी और ग्लोबल मार्केट्स से मिले निगेटिव संकेतों के कारण निवेशकों का सेंटीमेंट दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दिखी, हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी आई और इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर कारोबार करते नजर आए।
ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सतर्क रहते हैं। लेकिन ब्रोकरेज हाउसेस का मानना है कि कुछ क्वालिटी स्टॉक्स ऐसे होते हैं, जहां कीमतों में आई गिरावट लंबी अवधि के निवेश का मौका बन सकती है। सीमेंस लिमिटेड को भी इसी कैटेगरी में रखा जा रहा है।
Siemens पर ICICI Securities का पॉजिटिव आउटलुक
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने सीमेंस लिमिटेड पर अपनी रेटिंग को अपग्रेड करते हुए ‘BUY’ कर दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 3,700 रुपये कर दिया है। मौजूदा स्तरों से यह करीब 18 प्रतिशत तक का संभावित रिटर्न दिखाता है।
शुक्रवार को सीमेंस लिमिटेड का शेयर 3,143 रुपये पर बंद हुआ था। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की कमाई में आने वाले दो वर्षों में 15 प्रतिशत से ज्यादा की सालाना वृद्धि हो सकती है।
कमाई बढ़ने के पीछे कौन से बिजनेस होंगे अहम
ब्रोकरेज के मुताबिक, सीमेंस की ग्रोथ को सबसे ज्यादा सपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़े बिजनेस से मिलने की उम्मीद है। इसमें स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (Smart Infrastructure – SI) से करीब 70 प्रतिशत EBIT योगदान रहने का अनुमान है। इसके अलावा मोबिलिटी (Mobility – MO) से लगभग 10 प्रतिशत EBIT योगदान आने की संभावना जताई गई है।
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और ट्रांसपोर्ट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर सरकार का फोकस लगातार बना हुआ है। ऐसे में सीमेंस जैसी कंपनियों के लिए ऑर्डर बुक मजबूत रहने की उम्मीद की जा रही है।
डिजिटल इंडस्ट्रीज़ सेगमेंट पर क्या है नजरिया
हालांकि सीमेंस मैनेजमेंट ने डिजिटल इंडस्ट्रीज़ (Digital Industries – DI) सेगमेंट को लेकर थोड़ा सतर्क रुख दिखाया है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस सेगमेंट में लंबे समय में मार्जिन 6 से 8 प्रतिशत के बीच रह सकता है।
डिजिटल इंडस्ट्रीज़ प्रोडक्ट्स के स्वदेशीकरण को लेकर आउटलुक फिलहाल कमजोर बताया गया है। इसके बावजूद ब्रोकरेज का कहना है कि कमजोर बेस के चलते इस सेगमेंट में निकट भविष्य में ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
Antique Broking भी Siemens पर बुलिश
सीमेंस लिमिटेड को लेकर सिर्फ आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ही नहीं, बल्कि एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग (Antique Stock Broking) भी पॉजिटिव नजर आ रहा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और 3,767 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस टारगेट के हिसाब से मौजूदा स्तरों से स्टॉक में करीब 20 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई गई है।
प्राइवेट कैपेक्स में सुधार से बढ़ी उम्मीद
एंटिक ब्रोकिंग के अनुसार, कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि पिछले पांच वर्षों में सरकारी कैपेक्स (Government Capex) मजबूत बना हुआ है। हालांकि प्राइवेट कैपेक्स (Private Capex) अपेक्षाकृत सुस्त रहा है।
अब धीरे-धीरे इसमें सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। जीएसटी दरों में कटौती और अनुकूल आयकर व्यवस्था जैसी पॉजिटिव मैक्रो नीतियों के चलते खपत बढ़ रही है। इसका असर आने वाले समय में प्राइवेट कैपेक्स पर भी दिख सकता है, जिससे सीमेंस जैसे कैपिटल गुड्स प्लेयर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है।
52 वीक हाई से 33 प्रतिशत नीचे स्टॉक
सीमेंस लिमिटेड का शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर 4,711 रुपये से करीब 33 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट कई निवेशकों के लिए चिंता का विषय रही है, लेकिन ब्रोकरेज इसे वैल्यू बायिंग का मौका मान रहे हैं।
अगर हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले एक महीने में स्टॉक करीब 2 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं, तीन महीने और छह महीने की अवधि में इसमें लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई है।
लंबी अवधि में रिटर्न का रिकॉर्ड
हालांकि शॉर्ट टर्म में स्टॉक दबाव में रहा है, लेकिन लंबी अवधि में इसने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में शेयर करीब 32 प्रतिशत टूटा है। इसके बावजूद दो साल की अवधि में इसने 37 प्रतिशत और तीन साल में करीब 81 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।










