ऑस्ट्रेलिया के सिडनी यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों के लिए खास स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत छात्रों को ट्यूशन फीस में राहत और 27.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। आवेदन की अंतिम तारीख 24 मई 2026 है।
सिडनी: Study in Australia Scholarship के तहत ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम के जरिए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्रों को ट्यूशन फीस में छूट और लाखों रुपये तक का लाभ मिलेगा। आवेदन करने के लिए छात्रों को यूनिवर्सिटी का ऑफर लेटर होना जरूरी है।
भारतीय छात्रों के लिए सिडनी यूनिवर्सिटी की बड़ी स्कॉलरशिप योजना

ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित सिडनी यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से ‘Sydney Scholars India Scholarship Program’ चला रही है। इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत छात्रों को ट्यूशन फीस में छूट के साथ लाखों रुपये तक की सहायता दी जाएगी। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य भारतीय छात्रों को बेहतर ग्लोबल एजुकेशन और रिसर्च अवसर उपलब्ध कराना है।
28 छात्रों को मिलेगा स्कॉलरशिप का लाभ
सिडनी यूनिवर्सिटी की ओर से कुल 28 स्कॉलरशिप दी जाएंगी। इनमें 2 छात्रों की चार साल तक की पूरी ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। इसके अलावा 10 छात्रों को 20,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी करीब 13.70 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
वहीं बाकी 16 छात्रों को 10,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी लगभग 6.80 लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। यह आर्थिक सहायता अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट दोनों तरह के छात्रों के लिए उपलब्ध है।
स्कॉलरशिप के लिए जरूरी पात्रता
इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्रों का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। साथ ही उनके पास भारत का वैध पासपोर्ट होना चाहिए।
इसके अलावा उम्मीदवारों के पास सिडनी यूनिवर्सिटी के किसी अंडरग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट कोर्स का ऑफर लेटर होना भी अनिवार्य है। बिना एडमिशन ऑफर लेटर के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
24 मई तक कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक छात्र 24 मई 2026 तक यूनिवर्सिटी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम भारतीय छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई का खर्च कम करने के साथ-साथ रिसर्च और इंटरनेशनल नेटवर्किंग के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।







