सुल्तानपुर में एक किसान के साथ फसल खरीद के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। किसान ने आरोप लगाया है कि फसल बेचने के बाद भी उसे पूरी रकम नहीं मिली और करीब 3.60 लाख रुपए हड़प लिए गए।
पीड़ित किसान के मुताबिक, उसने अपनी फसल करीब 4 लाख 90 हजार रुपए में बेची थी। खरीददार ने शुरुआत में भरोसा दिलाया कि पूरा भुगतान जल्द कर दिया जाएगा, लेकिन बाद में रकम देने से बचने लगा।
किसान का कहना है कि उसने कई बार पैसे मांगने की कोशिश की, लेकिन हर बार टालमटोल की जाती रही। आखिरकार परेशान होकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सुल्तानपुर पुलिस ने किसान की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित किसान ने बताया कि फसल बेचने के बाद उसे उम्मीद थी कि पैसे से परिवार की जरूरतें पूरी होंगी और खेती के अगले सीजन की तैयारी करेगा। लेकिन रकम न मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि मंडियों और निजी व्यापारियों के जरिए होने वाले लेनदेन में कई बार किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते हैं।
उत्तर प्रदेश में किसानों के भुगतान और फसल खरीद को लेकर सरकार लगातार पारदर्शिता की बात करती रही है। बावजूद इसके, कई जगहों पर किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलने की शिकायतें आती रहती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि छोटे और मध्यम किसान अक्सर अपनी मेहनत की कमाई के लिए व्यापारियों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में धोखाधड़ी होने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
सोशल मीडिया पर भी मामला चर्चा में है। लोग किसानों के साथ होने वाली आर्थिक ठगी पर चिंता जता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सुल्तानपुर पुलिस का कहना है कि संबंधित दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को बड़े लेनदेन हमेशा लिखित समझौते और बैंकिंग माध्यम से करने चाहिए ताकि विवाद की स्थिति में कानूनी सुरक्षा मिल सके।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और किसान को उम्मीद है कि उसे जल्द उसकी मेहनत की रकम वापस मिलेगी।