सनराइजर्स ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को 41 रन से हराया, द हंड्रेड के नॉकआउट में बनाई जगह

द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को 41 रन से हराकर नॉकआउट चरण में जगह बना ली है। एनाबेल सदरलैंड और जेस जोनासेन जीत की स्टार रहीं।

द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को 41 रन से हराकर नॉकआउट चरण में जगह बनाई। सनराइजर्स ने 166 रन बनाए, जबकि सुपर जायंट्स 125 रन ही बना सकी। जेस जोनासेन ने तीन विकेट लिए।

The Hundred 2026: द हंड्रेड महिला प्रतियोगिता में सनराइजर्स लीड्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को 41 रन से हरा दिया। ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंदों में 166 रन बनाए। जवाब में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की टीम निर्धारित लक्ष्य के दबाव में बिखर गई और 125 रन तक ही पहुंच सकी। इस जीत के साथ सनराइजर्स ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है।

सनराइजर्स ने दर्ज की शानदार जीत

मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स ने टॉस के बाद बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम ने 166 रन बनाए और मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के सामने 167 रन का लक्ष्य रखा। मेजबान टीम के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। सनराइजर्स की गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। सनराइजर्स की गेंदबाजी के साथ शानदार फील्डिंग ने भी मैनचेस्टर की मुश्किलें बढ़ाईं। पूरे मुकाबले में सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी लय में नजर नहीं आई और टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।

जेस जोनासेन ने किया शुरुआती नुकसान

सनराइजर्स की जीत में ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी ऑलराउंडर जेस जोनासेन ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार ओवर के बराबर गेंदबाजी करते हुए 21 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। जोनासेन ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की पारी के शुरुआती चरण में महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उन्होंने स्मृति मंधाना और ऋचा घोष को आउट कर टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। मंधाना 28 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि ऋचा घोष 13 रन ही बना सकीं। इन दोनों विकेटों के बाद सुपर जायंट्स पर रन रेट का दबाव बढ़ता गया और टीम लगातार विकेट गंवाती रही।

स्मृति मंधाना और ऋचा घोष नहीं बदल सकीं मैच का रुख

मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना से बड़ी पारी की उम्मीद थी। उन्होंने 28 रन बनाए, लेकिन जोनासेन की गेंद पर आउट होने के बाद टीम की मुश्किलें बढ़ गईं। ऋचा घोष भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सकीं। उनके 13 रन पर आउट होने के बाद सुपर जायंट्स की पारी को संभालने की जिम्मेदारी मध्यक्रम पर आ गई, लेकिन सनराइजर्स के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग भी संघर्ष करती नजर आईं। उन्होंने 15 गेंदों का सामना किया, लेकिन सिर्फ 10 रन बना सकीं। आखिरकार जोनासेन ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

ग्रेस स्क्रिवेंस ने की संघर्ष की कोशिश

सुपर जायंट्स की ओर से ग्रेस स्क्रिवेंस ने सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 24 गेंदों में 31 रन की पारी खेली और कुछ समय के लिए टीम की उम्मीदें बनाए रखीं। हालांकि, दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण स्क्रिवेंस पर दबाव बढ़ता गया। सनराइजर्स के गेंदबाजों ने उन्हें बड़े शॉट खेलने का ज्यादा मौका नहीं दिया और अंततः सुपर जायंट्स की रन चेज लड़खड़ा गई। पारी के अंतिम चरण में मैच लगभग पूरी तरह सनराइजर्स के नियंत्रण में आ गया था।

कैथरीन ब्राइस का अनोखा फैसला

मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की खराब स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम को अपनी एक बल्लेबाज को रिटायर्ड आउट करना पड़ा। कैथरीन ब्राइस 14 गेंदों में 15 रन बनाकर मैदान से बाहर हो गईं। यह द हंड्रेड में ब्राइस के लिए दूसरी बार था जब उन्हें रिटायर्ड आउट किया गया। इससे पहले अगस्त 2024 में मैनचेस्टर ओरिजिनल्स की ओर से खेलते हुए भी उन्हें नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के खिलाफ रिटायर्ड आउट किया गया था। रिटायर्ड आउट का फैसला उस समय लिया गया जब बल्लेबाजी टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत होती है और क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज अपेक्षित गति से रन नहीं बना पाता।

सनराइजर्स की बल्लेबाजी में सदरलैंड का जलवा

इससे पहले सनराइजर्स ने बल्लेबाजी करते हुए 166 रन बनाए। टीम की पारी को मजबूत बनाने में ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर एनाबेल सदरलैंड ने शानदार भूमिका निभाई। सदरलैंड ने नाबाद 62 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उन्होंने अपनी 36 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने सनराइजर्स को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

सदरलैंड के अलावा फोएबे लिचफील्ड ने भी पारी की शुरुआत में तेजी से रन बनाए। उन्होंने सिर्फ 12 गेंदों में 27 रन ठोके और सनराइजर्स को शुरुआती गति प्रदान की। लिचफील्ड ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की, लेकिन मिडविकेट पर कैच देकर पवेलियन लौट गईं।

कप्तान डैनी गिब्सन ने भी दिया योगदान

सनराइजर्स की कप्तान डैनी गिब्सन ने भी तेजी से रन बनाकर टीम के स्कोर को गति दी। उन्होंने सिर्फ 13 गेंदों में 24 रन बनाए। गिब्सन की पारी में आक्रामक शॉट्स देखने को मिले, लेकिन वह मडी विलियर्स की गेंद पर आउट हो गईं। विलियर्स मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की ओर से सबसे प्रभावी गेंदबाज रहीं और उन्होंने 25 रन देकर दो विकेट हासिल किए। इसके बावजूद सदरलैंड ने पारी को संभाले रखा और अंत तक नाबाद रहते हुए टीम को 166 रन तक पहुंचाया।

सनराइजर्स की गेंदबाजी ने पलटा मैच

166 रन का बचाव करते हुए सनराइजर्स की गेंदबाजी इकाई ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। जोनासेन ने तीन विकेट लिए, जबकि एनाबेल सदरलैंड और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट हासिल किए। सदरलैंड ने 17 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 21 रन देकर दो विकेट चटकाए। दोनों गेंदबाजों ने सुपर जायंट्स के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। सनराइजर्स की फील्डिंग भी बेहद प्रभावी रही। खिलाड़ियों ने कई महत्वपूर्ण रन रोके और गेंदबाजों को अतिरिक्त दबाव बनाने में मदद की।

नॉकआउट में सनराइजर्स की जगह पक्की

इस जीत के साथ सनराइजर्स लीड्स ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को पीछे छोड़ते हुए अंक तालिका में शीर्ष तीन में जगह बना ली। अब टीम नॉकआउट चरण में एलिमिनेटर मुकाबला खेलेगी। सनराइजर्स का सामना शुक्रवार को द ओवल में सदर्न ब्रेव से होगा। इस मुकाबले की विजेता टीम रविवार को लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल में ट्रेंट रॉकेट्स से भिड़ेगी। इस तरह सनराइजर्स के पास अब खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने का शानदार मौका है। मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के खिलाफ मिली 41 रन की जीत ने टीम के आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है।

खिताब की दौड़ में रोमांच बढ़ा

द हंड्रेड के नॉकआउट चरण में पहुंचने के साथ प्रतियोगिता का रोमांच और बढ़ गया है। सनराइजर्स ने दबाव वाले मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर बनाया और फिर गेंदबाजी तथा फील्डिंग के दम पर सुपर जायंट्स की चुनौती को समाप्त कर दिया। अब उसकी नजर सदर्न ब्रेव के खिलाफ होने वाले एलिमिनेटर मुकाबले पर है। दूसरी ओर, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के लिए यह हार नॉकआउट की उम्मीदों के लिए बड़ा झटका साबित हुई।

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